2.90 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का षड्यंत्र, प्रकाश आंबेडकर ने लगाया ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप

Prakash Ambedkar: प्रकाश अंबेडकर ने महाराष्ट्र में करीब 2.90 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के इतिहास की सबसे बड़ी ‘वोट चोरी’ बताया।
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Maharashtra Voter List Removal Controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Voter List Removal Controversy: वंचित बहुजन आघाडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने पुणे में आयोजित पत्रकार वार्ता में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ 90 लाख मतदाताओं के नाम अवैध रूप से मतदाता सूची से हटाए जाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के इतिहास की सबसे बड़ी ‘वोट चोरी’ की घटना बताते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और इस ‘संस्थागत भ्रष्टाचार’ के खिलाफ नागरिकों को जागरूक होने का आह्वान किया।

आंबेडकर ने स्पष्ट किया कि लोक प्रतिनिधि कानून 1950 की धारा 21 के तहत किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे व्यक्तिगत नोटिस देना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से करीब 30 से 40 हजार मतदाताओं के नाम कम किए जा रहे हैं।

याचिका खारिज

विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मतदारसंघ से अढ़ाई लाख मतदाताओं के नाम हटाने की योजना बनाने का भी उन्होंने आरोप लगाया। उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में दायर याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज किए जाने पर भी गहरी नाराजगी जताई।

75 लाख मतों पर उठाए संदेह के घेरे

अर्थशास्त्री डॉ. प्रभाकरण के हवाले से आंबेडकर ने कहा कि आंध्र प्रदेश में मतदान समाप्त होने के बाद रात 11 बजे से 2 बजे के बीच 4।95 प्रतिशत अतिरिक्त मतदान दर्ज किया गया था। इसी पैटर्न को देखते हुए उन्होंने महाराष्ट्र में मतदान समाप्ति के बाद करीब 75 लाख अतिरिक्त मतों के दर्ज होने पर गहरा संदेह जताया है।

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