

PM Modi Global Fintech Fest speech: मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया के सामने भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और डिजिटल क्रांति का एक शानदार और बेहद रोचक खाका पेश किया है। इस महत्वपूर्ण मंच पर लगातार तीसरी बार शामिल होने को पीएम मोदी ने बड़े ही दिलचस्प अंदाज में अपनी हैट्रिक बताया।
उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में अपनी सरकार की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिनटेक इवेंट में उनका यह तीसरा दौरा भी एक बेहतरीन हैट्रिक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हर बार जब वे इस फेस्ट में आते हैं, तो उन्हें पहले से अधिक युवा, अधिक ऊर्जा और इस क्षेत्र के विस्तार की असीमित संभावनाएं दिखाई देती हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक मंदी और जारी तनावों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का लोहा मनवाया। उन्होंने बताया कि तमाम वैश्विक संघर्षों, व्यापारिक गतिरोधों और ऊर्जा व कमोडिटी सप्लाई चेन पर भारी दबाव के बावजूद, भारत ने अप्रैल-जून की तिमाही में 7.8% की शानदार विकास दर दर्ज कर पूरी दुनिया को एक नई उम्मीद और दिशा दी है।
इसी आर्थिक स्थिरता और गतिशीलता का परिणाम है कि लगभग तीन दशकों के लंबे इंतजार के बाद एक जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड कर A श्रेणी में शामिल कर दिया है। प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि भारत में किए गए वैश्विक और स्ट्रक्चरल सुधारों के कारण ही यह रेटिंग अपग्रेड हासिल हो सका है, जो भारत के विकास की रफ्तार, व्यापक आर्थिक स्थिरता और हमारे सुधारों पर वैश्विक जगत के अटूट विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि भारत का 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' अब और भी तेज गति से आगे दौड़ने वाला है।
प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम UPI की सफलता की गाथा को बड़े ही अनूठे ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यूपीआई केवल कोई साधारण तकनीकी कहानी नहीं है, बल्कि यह एक सभ्यता की कहानी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के वक्तव्य को याद करते हुए मोदी ने कहा कि यूपीआई ने भारतीय बैंकिंग में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है।
बीते 25 अगस्त को यूपीआई के सफल सफर के 10 साल पूरे होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि एक दशक पहले जब उन्होंने बैंकिंग आपकी उंगलियों पर होगी की बात कही थी, तो कई ज्ञानी लोगों को भी यह असंभव लगता था। लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। जो करोड़ों लोग कभी औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से पूरी तरह दूर और उपेक्षित थे, आज वे ही भारत के पूरे फिनटेक विकास के सबसे मजबूत चालक बन चुके हैं।
भारत की डिजिटल ताकत अब देश की सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है। पीएम मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि यूपीआई अब केवल भारत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया के 11 देशों में लाइव हो चुका है। केवल अगस्त महीने के आंकड़े ही इसकी विराटता को साबित करते हैं, जब इस डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए 2,400 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के लेनदेन किए गए।
उन्होंने भारत और सिंगापुर के बीच स्थापित किए गए यूपीआई नेटवर्क का एक बेहद जीवंत उदाहरण भी दिया। मोदी ने कहा कि आज भारत और सिंगापुर के बीच लेनदेन करना उतना ही आसान, सुरक्षित और तीव्र हो चुका है, जितना कि भारत के किन्हीं दो शहरों के बीच पैसे ट्रांसफर करना होता है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत के व्यापारिक साझेदार देशों के साथ यूपीआई के इस फुटप्रिंट को और अधिक विस्तारित करने की देश की प्रतिबद्धता को दोहराया।