AI, फिनटेक और डिजिटल इंडिया…पीएम मोदी ने बताए भारत के 3 सुनहरे लक्ष्य, GFF में दिया ‘नया मंत्र’
Fintech India: ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में पीएम मोदी ने कहा, भारत का लक्ष्य ऐसी तकनीक बनाना है जो आर्थिक समृद्धि लाए और सबके लिए सुलभ हो। एआई में नैतिक दृष्टिकोण की वकालत।
- Written By: अर्पित शुक्ला
AI, फिनटेक और डिजिटल इंडिया...पीएम मोदी ने बताए भारत के 3 सुनहरे लक्ष्य
Mumbai News: मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि हमारा लक्ष्य आर्थिक तांत्रिक ज्ञान से युक्त एक ऐसी तकनीक की निर्माण करना है, जो पृथ्वी के साथ-साथ लोगों को भी समृद्ध बनाती हो। उन्होंने कहा कि आज के भारत ने पिछले दशक में वैश्विक तकनीकी ज्ञान के दृष्टिकोण से सर्वसमावेशक स्थान हासिल किया है।
आज का भारत दुनिया के सबसे तकनीकी रूप से समावेशी समाजों में से एक बन गया है। हमने डिजिटल प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण किया है और इसे देश के हर हिस्से में हर नागरिक के लिए सुलभ बनाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अपने शासन से लोकतंत्र की भावना का एक मजबूत स्तंभ बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने दिखाया है कि प्रौद्योगिकी केवल सुविधा का साधन नहीं है, बल्कि समानता सुनिश्चित करने का एक तरीका भी है। इंडिया स्टैक दुनिया के लिए, खासकर वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए आशा की किरण है। हम न केवल अन्य देशों के साथ प्रौद्योगिकी साझा कर रहे हैं, बल्कि उन्हें इसे विकसित करने में भी मदद कर रहे हैं और यह डिजिटल सहायता नहीं, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण है।
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भारत के फिनटेक समुदाय के प्रयासों के कारण ही हमारे स्वदेशी उपकरण वैश्विक प्रासंगिकता प्राप्त कर रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत का दृष्टिकोण, समान पहुंच, जनसंख्या-आधारित कौशल अधिग्रहण और जिम्मेदार नियुक्तियां, ऐसे तीन सिद्धांतों पर आधारित है। भारत ने हमेशा नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक वैश्विक ढाँचे का समर्थन किया है। हमारे लिए एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) सर्वसमावेशी है।
