मुंबई तरबूज कांड में बड़ा खुलासा, चूहे मारने के जहर से हुई 4 लोगों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हड़कंप
Paydhuni Watermelon Case: मुंबई के पायधुनी में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत का सच सामने आया है। जेजे अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तरबूज के अंदर खतरनाक चूहे मारने वाले जहर की पुष्टि हुई है।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई का मृतक परिवार (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Watermelon Death Case Post-Mortem Report: मुंबई के पायधुनी इलाके में पिछले महीने एक ही परिवार के 4 सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सर जे जे अस्पताल द्वारा पुलिस को सौंपी गई अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि परिवार के चारों लोगों की मौत जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले रसायन से हुई, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है।
मुंबई पुलिस ने बताया कि गुरुवार को अब्दुल्ला दोकाडिया के परिवार के चार सदस्यों की मौत मामले में जे जे अस्पताल की अंतिम रिपोर्ट में मौत का कारण जिंक फॉस्फाइड से हुआ जहर बताया गया है। हालांकि पुलिस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि यह सामूहिक आत्महत्या या हादसा है, या फिर सुनियोजित हत्या का मामला है।
तरबूज खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाली रात परिवार ने 5 रिश्तेदारों के साथ घर पर भोजन किया था। मेहमानों के जाने के बाद 26 अप्रैल की रात करीब 1 बजे परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया। इसके बाद अगले 12 घंटों के भीतर सभी की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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विसरा सैंपल में जिंक फॉस्फाइड की पुष्टि
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में भी तरबूज और मृतकों के विसरा सैंपल में जिंक फॉस्फाइड की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। अब पुलिस जांच का फोकस परिवार के रिश्तेदारों और मेहमानों पर है। मुंबई पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 22 से 25 अप्रैल के बीच किसने जिंक फॉस्फाइड खरीदा और परिवार के घर आया था। मामले से जुड़े लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
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पुलिस ने कहा कि फिलहाल किसी पर सीधा शक या कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। मुंबई पुलिस अब तक करीब 100 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें रिश्तेदार, पड़ोसी और इलाके में चूहे मारने की दवा बेचने वाले 20 से अधिक दुकानदार शामिल हैं। इसके अलावा, उस मोबाइल एक्सेसरीज मार्केट के व्यापारियों से भी पूछताछ की गई है, जहां अब्दुल्ला दोकाडिया काम करते थे।
व्यापक जांच के बावजूद पुलिस को अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि परिवार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया या फिर यह किसी साजिश का हिस्सा था। आखिर तरबूज तक जहर कैसे पहुंचा, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है।
(IANS एजेंसी इनपुट के साथ)
