NCP में आंतरिक कलह के चलते सुनेत्रा पवार ने बुलाई कोर कमेटी की मीटिंग, क्या थमेगा आंतरिक कलह?

Sunetra Pawar News: NCP में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है। सुनील तटकरे-प्रफुल्ल पटेल की अनदेखी के आरोपों के बीच सुनेत्रा पवार ने कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। जानें क्या है पूरा विवाद?
Amidst internal strife within the NCP, Sunetra Pawar convenes a Core Committee meeting will the internal discord cease?
सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sunetra Pawar Calls Core Committee Meeting: राकां (अजित पवार गुट) में पिछले कुछ दिनों से आंतरिक कलह और असमंजस का माहौल बना हुआ है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को हाशिए पर धकेले जाने की अटकलों के बीच अब यह साफ होने लगा है कि पूरा पत्र-प्रपंच पार्थ पवार के इशारे पर रचा गया है।

सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजे गए उन पत्रों में जहां तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के पदों का उल्लेख नहीं था। ऐसा पार्थ पवार के इशारे पर किया गया है। इसी के साथ पार्टी के अंदर ऐसी सुगबुगाहट है राकां पर पार्थ का फुल कंट्रोल हो गया है और पार्थ को रोकने में सुनेत्रा असमर्थ साबित हो रही हैं। इसी बीच सुनेत्रा द्वारा कोर कमेटी की बैठक बुलाने की जानकारी भी सामने आई है।

क्या है मामला?

राकां में कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के साथ अजीत-सुनेत्रा पुत्र पार्थ के मतभेदों की चर्चा महाराष्ट्र के सियासी गलियारे में जोरों पर चल रही है। दावा किया जा रहा है कि पार्थ की जिद की वजह से पार्टी में पटेल और तटकरे की कटिंग की जा रही है। ऐसे आरोप उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए दो पत्रों के बाद लग रहे हैं। राकां की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के हस्ताक्षर वाले दो पत्र पिछले दो महीनों में चुनाव आयोग को भेजे गए। पहला पत्र 10 मार्च 2026 को भेजा गया, जिसमें सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाम के साथ कोई पद नहीं था। इसी तरह 29 अप्रैल को भेजे गए दूसरे पत्र में भी यही चूक दोहराई गई। जबकि 26 फरवरी को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तटकरे को प्रदेश अध्यक्ष और प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष बनाने की घोषणा का वीडियो वायरल है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्यकारिणी के फैसले को दरकिनार कर ये पत्र किसके कहने पर भेजे गए। दावा किया जा रहा है कि यह सब पार्थ पवार का खेल है।

ऑडियो क्लीप है विवाद की जड़

राकां शरद चंद्र पवार पार्टी के विधायक रोहित पवार ने पटेल और तटकरे का नाम लिए बिना हाल ही में दावा किया था कि राकां के दो बड़े नेताओं की 19 ऑडियो क्लीप वायरल हुई थी, जिसमें ये दो नेता पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के बारे में आपत्तीजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बात कर रहे थे। दिल्ली के एक बड़े नेता ने उक्त ऑडियो क्लीप अजीत को सुनाई थी। हालांकि अजीत ने उसे गंभीरता से नहीं लिया था लेकिन शायद उनके निधन के बाद सुनेत्रा और पार्थ को भी उक्त क्लीप सुनाई गई होगी। रोहित के इस दावे पर राकां नेता उमेश पाटिल ने कहा था कि एआई के युग में किसी ऑडियो क्लीप पर विश्वास करना सही नहीं है। रोहित के पास क्लीप है तो हमें दें, हम फॉरेंसिक विभाग से इसकी जांच कराएंगे।

कलह कम करने के प्रयास में जुटी सुनेत्रा

फिलहाल ऑडियो क्लीप और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा से पार्टी के विधायक दो धड़ों में बंट गए हैं। नतीजतन सुनेत्रा पवार अंदरूनी कलह रोकने के लिए सक्रिय हो गई हैं। उन्होंने तटकरे और पटेल से फोन पर चर्चा की है तथा पार्टी की कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। यह बैठक 20 मई को होने की संभावना है, जिसमें पार्टी के पूर्व और वर्तमान सांसद भी शामिल होंगे।

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