ऑनलाइन जुए का बड़ा घोटाला, 44 बैंक खातों से 194.4 करोड़ फ्रीज, राजस्थान से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Mumbai News: रायगढ़ साइबर पुलिस ने ऑनलाइन जुए और गेमिंग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 44 बैंक खातों से 194.4 करोड़ रुपये फ्रीज किए। पुलिस ने राजस्थान से मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार किया है।
- Written By: सोनाली चावरे
ऑनलाइन जुआ घोटाला (pic credit; social media)
Online Gambling Scam: रायगढ़ साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग और जुए के रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अंचल दलाल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी भारमल हनुमान मीणा (38) को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पुलिस ने 44 बैंक खातों को फ्रीज करते हुए करीब 194.4 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि हाल के दिनों में यह सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है और ऐसे नेटवर्क्स पर लगातार नजर रखी जाएगी।
यह जांच अलीबाग निवासी एक शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उससे 10,000 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई थी। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि AM999 जैसे गेमिंग ऐप के जरिए नागरिकों को झूठे रिटर्न का लालच देकर ठगा जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके साथी Meepay, मधुर मटकर, परिमन, Cassini Days, Blunie, 1XBET और Rabot जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इन प्लेटफॉर्म्स पर निवेश करने पर बड़े रिटर्न का वादा किया जाता था, लेकिन पैसे जमा होने के बाद लोगों को ठगा जाता था।
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सिर्फ दो महीनों में ही इन फर्जी कंपनियों के जरिए 56 करोड़, 114 करोड़ और 186 करोड़ रुपये तक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई खाते छोटे दुकानदारों और गृहिणियों के नाम पर खोले गए थे, लेकिन उनमें करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। इससे बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का भी संदेह गहराता जा रहा है।
पुलिस ने यह भी पाया कि आरोपी और उसके साथी फर्जी खातों के जरिए पैसा निकाल रहे थे। गिरफ्तार आरोपी के रिश्तेदारों के खातों में भी धोखाधड़ी से अर्जित कमीशन की रकम पहुंचाई गई थी।
एसपी अंचल दलाल ने कहा कि ऐसे रैकेट को खत्म करने और नागरिकों की मेहनत की कमाई बचाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के ऑनलाइन ऐप्स पर लालच में आकर निवेश करना बेहद खतरनाक है और लोग सतर्क रहें।
यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि साइबर अपराधी किस तरह आम लोगों को झूठे सपनों में फंसाकर करोड़ों की ठगी कर रहे हैं। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
