ओमान मिसाइल हमले में शहीद हुए मुंबई के नाविक दीक्षित के अवशेष लौटे, DNA जांच के लिए हाई कोर्ट पहुंचा परिवार

Dikshit Solanki Death News: ओमान तट पर मिसाइल हमले का शिकार हुए मुंबई के नाविक दीक्षित सोलंकी के अवशेष भारत लाए गए। पहचान को लेकर संशय के बीच परिवार ने DNA टेस्ट के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
Oman Missile Attack Dikshit Solanki Death DNA Test Demand
दीक्षित सोलंकी व बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Dikshit Solanki DNA Test Demand: पश्चिम एशिया के अशांत समुद्र में मिसाइल हमले का शिकार हुए मुंबई के कांदिवली निवासी नाविक दीक्षित सोलंकी के अवशेष आखिरकार रविवार तड़के शारजाह से मुंबई लाए गए। दीक्षित, ओमान तट के पास अपने टैंकर पर हुए हमले में जान गंवाने वाले पहले भारतीय पीड़ितों में से एक हैं। हालांकि, घर लौटे ताबूत ने परिवार के जख्मों को और गहरा कर दिया है, क्योंकि मिले हुए अवशेषों की स्थिति ऐसी है कि पहचान करना असंभव है।

DNA टेस्ट की मांग पर अड़ा परिवार

दीक्षित के पिता अमृतलाल और उनकी बहन मिताली ने शव को स्वीकार करने के बावजूद तब तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है, जब तक कि वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध न हो जाए कि ये अवशेष दीक्षित के ही हैं। सोमवार को परिवार के वकील ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की। वकील ने अदालत में स्पष्ट किया कि "वहां कोई शरीर या शव मौजूद नहीं है, केवल जले हुए अवशेष हैं।" परिवार ने सरकार से मांग की है कि इस मामले को तत्काल कलीना फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा जाए ताकि सत्यता की पुष्टि हो सके।

एक महीने का लंबा इंतजार

बता दें कि यह घटना 1 मार्च को हुई थी। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर केवल एक ही व्यक्ति की मृत्यु हुई थी और वह दीक्षित सोलंकी थे। दीक्षित के पिता और बहन ने अवशेषों को वापस लाने के लिए पहले भी हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कानूनी हस्तक्षेप के मात्र 3 दिनों के भीतर ही रविवार सुबह 7 बजे सहार पुलिस से क्लीयरेंस मिलने के बाद ताबूत परिवार को सौंपा गया। वर्तमान में अवशेषों को पहचान के लिए जेजे अस्पताल ले जाया गया है।

सऊदी अरब में फंसे महाराष्ट्र के 41 नागरिक

इसी बीच, विदेश में फंसे भारतीयों का एक और मामला सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। महाराष्ट्र के भोकरदन जिले के 41 नागरिक वर्तमान में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में फंसे हुए हैं। सुले ने बताया कि इन यात्रियों की अकासा एयर की उड़ान अचानक रद्द होने के कारण वे वहां फंस गए हैं। उन्होंने सभी 41 नागरिकों की सूची साझा करते हुए उनके सुरक्षित स्वदेश वापसी की मांग की है।

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