

Nitin Gadkari Defamation Case Meta Google E20 Fuel: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ई-20 इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति से जुड़े कथित भ्रामक प्रचार और डीपफेक सामग्री को लेकर मेटा, एक्स, गूगल, यूट्यूब सहित कई पक्षों के खिलाफ सिविल मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने अदालत से 11 करोड़ रुपये का हर्जाना दिलाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश देने की मांग की है।
गडकरी ने अदालत में 86 पन्नों की याचिका दाखिल की है। मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को निर्धारित की गई है। याचिका में उन्होंने दावा किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एआई से तैयार किए गए फर्जी वीडियो, तस्वीरों और अन्य सामग्री के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
नितिन गडकरी ने अपनी याचिका में स्पष्ट किया है कि उन्हें गलत तरीके से ई-20 इथेनॉल मिश्रण योजना और कथित भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-20 ईंधन नीति का संचालन पेट्रोलियम मंत्रालय करता है और सड़क परिवहन मंत्री के रूप में इस योजना के क्रियान्वयन में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है।
याचिका में मेटा, एक्स, गूगल, यूट्यूब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कुछ अज्ञात सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को पक्षकार बनाया गया है। गडकरी ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके नाम से जुड़े कथित डीपफेक वीडियो, फर्जी तस्वीरें और भ्रामक पोस्ट को सभी संबंधित प्लेटफॉर्म से तत्काल हटाने के निर्देश दिए जाएं।
इस मामले को सोशल मीडिया पर डीपफेक और फर्जी सूचना के बढ़ते मामलों के बीच एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है। यदि अदालत इस मामले में निर्देश जारी करती है, तो ऑनलाइन भ्रामक सामग्री और एआई-जनित फर्जी कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई को लेकर यह एक अहम मिसाल बन सकती है।