मणिपुर में बनेगा भव्य सिद्धिविनायक मंदिर, महाराष्ट्र का पूर्वोत्तर को बड़ा तोहफा, एकनाथ शिंदे ने की घोषणा

Ishan Setu Initiative: महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत के सांस्कृतिक व धार्मिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मणिपुर में सिद्धिविनायक मंदिर की प्रतिकृति बनाने की बड़ी घोषणा की।
Siddhivinayak Temple In Manipur
ईशान सेतु कार्यक्रम में मौजूद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व अन्य (सोर्स: एक्स@mieknathshinde)
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Siddhivinayak Temple In Manipur: महाराष्ट्र ने 'ईशान सेतु' पहल के माध्यम से ईशान्य भारत (पूर्वोत्तर) के साथ अपना मजबूत सांस्कृतिक सेतु जोड़ लिया है। नई दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में आयोजित एक विशेष समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसकी घोषणा की। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही कार्यक्रम में स्वतंत्र देव सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधि और प्रमुख मंदिर ट्रस्टों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

नई दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में आयोजित 'ईशान सेतु – सांस्कृतिक एकीकरण और राष्ट्र-निर्माण' समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर भारत की सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय सद्भाव और पूर्वोत्तर भारत के साथ आत्मीयता के बंधन को मजबूत करने का एक सशक्त संदेश दिया गया।

मणिपुर में बनेगा भव्य सिद्धिविनायक मंदिर

महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के धार्मिक व भावनात्मक संबंधों को और गहरा करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की कि मणिपुर में मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर की भव्य प्रतिकृति बनाई जाएगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सक्षम नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से पूर्वोत्तर में दशकों पुराना तनाव खत्म हुआ है और हजारों युवा मुख्यधारा में लौटे हैं।

स्थानीय भाषाओं में पवित्र ग्रंथों का मुफ्त वितरण

सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज की दूरदर्शी सोच के तहत एक और बेहतरीन पहल की गई है। इसके अंतर्गत रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता और हनुमान चालीसा जैसे भारत के पवित्र और मार्गदर्शक ग्रंथों का पूर्वोत्तर की स्थानीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की कि इन अनुवादित पवित्र ग्रंथों को ईशान्य भारत के नागरिकों और परिवारों के बीच पूरी तरह से मुफ्त में वितरित किया जाएगा। इस पुनीत कार्य का सारा खर्च खुद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उठाएंगे। कार्यक्रम के अंत में इस अभूतपूर्व कार्य को सफल बनाने के लिए देश के जाने-माने विद्वानों, अनुवादकों और सामाजिक कार्यकर्ता राजेश साहनी के विशेष योगदान की भी सराहना की गई।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि भारत हजारों सालों से एकजुट रहा है और अपनी संस्कृति, आध्यात्मिकता, ज्ञान और मूल्यों की वजह से टिका हुआ है। भले ही भाषाएं, पहनावा और लोक परंपराएं अलग-अलग हों, लेकिन भारत की आत्मा एक है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है।

पूर्वोत्तर में नक्सलवाद पर लगी लगाम

एकनाथ शिंदे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा काफी मजबूत हुई है। नक्सलवाद को प्रभावी ढंग से रोकने और पूर्वोत्तर भारत में दशकों से चले आ रहे संघर्ष और तनाव को कम करने में सफलता मिली है। कई सशस्त्र समूहों के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते किए गए।

10,800 से ज्यादा युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। इस बात पर भी जोर दिया गया कि नागरिकों के हताहत होने की घटनाओं में 86 प्रतिशत की कमी आई है, और पूर्वोत्तर भारत को आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के सफल प्रयास किए गए हैं।

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