

मुंबई: मुंबई पुलिस में खुफिया तंत्र को मजबूत करने और स्लीपर सेल जैसी संवेदनशील गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से एक संयुक्त आयुक्त की नियुक्ति की जाएगी। यह शहर में इस प्रकार का छठा पद होगा। हाल ही में भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के बाद महाराष्ट्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस आदेश से पहले महानगर पुलिस में कानून-व्यवस्था, अपराध, प्रशासन, यातायात और आर्थिक अपराधों से नियंत्रण के लिए 5 संयुक्त आयुक्त थे।
महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने मुंबई पुलिस महकमे में "ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट) के नए पद को औपचारिक मान्यता दे दी है। सरकारी आदेश के मुताबिक देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मुंबई में खुफिया जानकारी जुटाने का काम विशेष शाखा द्वारा किया जाता है, जिसका नेतृत्व एक अतिरिक्त आयुक्त (उप महानिरीक्षक स्तर) करते हैं, जो संयुक्त आयुक्त (कानून और व्यवस्था) को रिपोर्ट करते हैं। अब इस शाखा का नेतृत्व एक संयुक्त आयुक्त करेंगे, जो महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी होंगे।''
मुंबई भारत की सबसे व्यस्त महानगरों में से एक है। साथ ही यहां देश-विदेश के वीआईपी, राजनेता और प्रतिष्ठित हस्तियां भी लगातार आते-जाते रहते हैं। भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे उच्च पदस्थ अधिकारी भी समय-समय पर मुंबई का दौरा करते हैं। ऐसे में संभावित खतरे की आशंका भी यहां अधिक बनी रहती है।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार लंबे समय से इस विशेष पद के निर्माण पर विचार कर रही थी। अब इसे मुर्त रुप दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (इंटेलिजेंस) का मुख्य कार्य खुफिया विभाग को अधिक मजबूत बनाना होगा। यह पद पर आसनस्थ अधिकारी स्लीपर सेल गतिविधियों पर नजर तो रखेगा ही, बल्कि किसी भी संभावित आतंकी या असामाजिक गतिविधि की आशंका के आधार पर पहले से अलर्ट जारी करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह कदम भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर लिया गया है। यह मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा, साथ ही पूरे महाराष्ट्र के लिए एक मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क की नींव भी रखेगा। एक अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र के सीएम और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस से उन स्लीपर सेल पर नजर रखने को कहा जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान कर सकता है। इसलिए खुफिया जानकारी जुटाकर सतर्क रहा जा सके।