कचनजंघा फतह करने वाले मुंबई के डॉ. मिलिंद चितले लापता, नेपाल बाढ़ के वायरल वीडियो वाली इमारत में थे 60 पर्यटक

Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद मुंबई के प्रसिद्ध चिकित्सक व पर्वतारोही डॉ. मिलिंद चितले और उनका 61 सदस्यीय तीर्थयात्री दल लापता है। अभी तक नहीं मिल पाया है कोई सुराग।
Milind Chitale Missing Nepal Flood
नेपाल बाढ़ का दृश्य, डॉ. मिलिंद चितले व उनकी पत्नीसोर्स: सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Milind Chitale Group Missing Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से मुंबई के अंधेरी इलाके के जाने-माने डॉक्टर और अनुभवी पर्वतारोही डॉ. मिलिंद चितले अपने 61 सदस्यीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा समूह के साथ लापता हैं। हादसे के कई दिन बीत जाने के बाद अब उनके सकुशल मिलने की उम्मीदें धीरे-धीरे धुंधली पड़ती जा रही हैं।

डॉ. चितले 'हिल्स एंड ट्रेल्स' टूर कंपनी के संस्थापक हैं और बीते तीन दशकों से हिमालयी अभियानों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। वह अपनी पत्नी के साथ इस मानसरोवर यात्रा दल का नेतृत्व कर रहे थे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकला था 79 लोगों का दल

मुंबई के अंधेरी इलाके से डॉ. मिलिंद चितले अपनी ट्रेकिंग कंपनी 'ही लैंड ट्रेल्स' के माध्यम से हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन करते हैं। 22 अगस्त को अंधेरी, विलेपार्ले, ठाणे, कोल्हापुर, पुणे और नागपुर से 60 पर्यटक इस पवित्र यात्रा के लिए काठमांडू के लिए रवाना हुए थे।

इस दल में 60 भारतीय पर्यटकों के अलावा डॉ. चितले के अमेरिका से आए 5 दोस्त, न्यूजीलैंड से आए 2 मित्र और नेपाल के 12 स्थानीय गाइड व लीडर शामिल थे। कुल मिलाकर 79 लोगों का यह ग्रुप कैलाश मानसरोवर की कठिन चढ़ाई के लिए आगे बढ़ रहा था। इस समूह में कई दिग्गज एमडी, सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल हैं।

पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान आया महाप्रलय

शेड्यूल के मुताबिक, 23 तारीख को काठमांडू पहुंचने के बाद डॉ. मिलिंद चितले के नेतृत्व वाले समूह को दो दिनों के लिए मौसम के अनुकूल होने और बेसिक ट्रेकिंग के लिए रोका गया था। 25 अगस्त की रात वे सीमा के करीब पहुंचे।

26 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे यह पूरा ग्रुप चीन में प्रवेश करने के लिए नेपाल-चीन बॉर्डर पर बने इमिग्रेशन सेंटर पहुंचा। सभी पर्यटक अपने पासपोर्ट वेरिफिकेशन और बॉर्डर क्रॉसिंग की औपचारिकताओं के लिए इमारत के अंदर मौजूद थे। इसी दौरान सुबह लगभग 9:30 से 10:30 बजे के बीच आई बाढ़ नेइमिग्रेशन और कस्टम बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरी बहुमंजिला सरकारी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई और पूरा ग्रुप अंदर ही फंस गया।

Milind Chitale Missing Nepal Flood
समुद्र की गहराई में बढ़ेगी भारत की धाक: नौसेना में शामिल हुआ INS निपुण, जानें क्यों कांपेंगे दुश्मन

बचाव कार्य तेज, लेकिन बचने की उम्मीदें कम

घटना की सूचना मिलते ही नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और राहत-बचाव दल की विभिन्न एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं। हालांकि, घटनास्थल पर 50 से 60 फीट गहरा कीचड़ और भारी-भरकम पत्थरों का मलबा जमा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नेपाल सरकार के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इतने भारी मलबे के नीचे दबे लोगों के सुरक्षित बचने की संभावनाएं समय बीतने के साथ कम होती जा रही हैं। मुंबई में रह रहे श्रद्धालुओं के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com