अमित शाह से मिले तटकरे और सुप्रिया, महाराष्ट्र में फिर बड़ा उलटफेर? NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकले तेज

Supriya Sule And Sunil Tatkare Meets Amit Shah: दिल्ली में अमित शाह से सुनील तटकरे और सुप्रिया सुले की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुटों के महा-विलय की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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अमित शाह से सुनील तटकरे और सुप्रिया सुले की मुलाकात (सोर्स: सोशल मीडिया)
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NCP Merger Rumors: महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों क्या पक रहा है, इसे समझना अच्छे-अच्छे राजनीतिक पंडितों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के बीच फिर से नजदीकियों की खबरें आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज दिल्ली में हुई कुछ गोपनीय मुलाकातों ने राज्य में एक बार फिर महा-विलय की अटकलों को हवा दे दी है।

सियासी हलचल तब बढ़ गई जब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह खबर सामने आई कि अजित पवार गुट के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। हालांकि, इस बैठक के एजेंडे पर आधिकारिक तौर पर चुप्पी साधी गई है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि चर्चा का केंद्र महाराष्ट्र का आगामी सियासी भविष्य और पार्टी का समीकरण था।

हैरानी की बात तो तब हुई जब तटकरे की मुलाकात के कुछ ही समय बाद शरद पवार गुट की दिग्गज नेता और सांसद सुप्रिया सुले भी अमित शाह से मिलने पहुंचीं। उनके साथ बीड के सांसद बजरंग सोनवणे भी मौजूद थे। एक ही दिन में दोनों धड़ों के नेताओं का अमित शाह से मिलना महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है।

शादी का कार्ड या सियासी बिसात?

जब सुप्रिया सुले से इस मुलाकात का मकसद पूछा गया, तो उन्होंने इसे पूरी तरह से व्यक्तिगत बताया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रिया सुले अपनी बेटी रेवती के विवाह समारोह के रिसेप्शन का निमंत्रण देने अमित शाह के पास पहुंची थीं। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े कुछ विकास कार्यों पर भी चर्चा की। लेकिन राजनीतिक जानकार इसे शादी के कार्ड की आड़ में हुई एक गहरी राजनीतिक बातचीत के तौर पर देख रहे हैं।

बीजेपी की नई रणनीति

इस पूरी उठापटक के पीछे बीजेपी की एक बड़ी रणनीति बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि एनसीपी के दोनों गुट पहले एक हो जाएं और एक इकाई के रूप में एनडीए का हिस्सा बनें। वर्तमान में, शरद पवार की अगुवाई वाला गुट विपक्षी इंडिया' गठबंधन में शामिल है, जबकि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाला दूसरा गुट पहले से ही एनडीए का हिस्सा है और महाराष्ट्र सरकार में सत्ता में है।

शरद पवार की पीएम मोदी से मुलाकात के मायने

विलय की इन अटकलों को बल तब मिला जब कुछ समय पहले खुद शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। एक घंटे तक चली उस बैठक के बाद भी काफी हंगामा हुआ था, हालांकि पवार ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने केवल नीट पेपर लीक, किसानों की समस्याओं और जल प्रबंधन जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।

वर्तमान में महाराष्ट्र की एनडीए सरकार में सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम के पद पर हैं। जिस तरह से सुप्रिया सुले ने हाल ही में दिवंगत अजित पवार की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अब दिल्ली में ये मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ है, उसने राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय के संकेत दे दिए हैं। क्या महाराष्ट्र में एक बार फिर पूरा पवार परिवार एक ही मंच पर नजर आएगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इन मुलाकातों ने महाराष्ट्र की चुनावी बिसात पर खलबली जरूर मचा दी है।

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