

Navy Sailor Family Deaths Case: दक्षिण मुंबई के हाई-सिक्योरिटी वाले नेवी नगर इलाके में नौसेना के जवान पूरणमल मेहरा द्वारा अपने पूरे परिवार को खत्म कर खुदकुशी करने की सनसनीखेज वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घटना की प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद हत्या के तरीकों को लेकर बेहद चौंकाने वाले और दर्दनाक खुलासे हुए हैं।
फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पूरणमल ने पहले अपनी पत्नी ओमा मेहरा और छोटे बेटे दर्श मेहरा का तकिये से मुंह दबाकर दम घोंटा। इसके बाद बड़े बेटे यश मेहरा को खाने में कोई संदिग्ध जहरीला पदार्थ मिलाकर दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
तीनों की हत्या करने के बाद पूरणमल लिविंग रूम में गया और नायलॉन की रस्सी से फांसी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। मुंबई की कफ परेड पुलिस अब नौसेना जवान के खिलाफ ही हत्या का मामला दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।
अब तक की पुलिस जांच के मुताबिक पारिवारिक तनाव, लगातार ताने और पूरनमल का डिप्रेशन इस पूरी वारदात के पीछे की वजहें थीं। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, नेवी में नौकरी के बावजूद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। पूरनमल का अक्सर पैसों के मामलों को लेकर अपने माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों से झगड़ा होता रहता था।
पुलिस के अनुसार, पूरनमल के बड़े भाई बृजलाल सेना में हैं, जबकि उनके छोटे भाई भी सेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। पूरनमल का इलाज कर रहे डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि उनके डिप्रेशन में उम्मीद के मुताबिक कोई सुधार नहीं हुआ था।
मिली जानकारी के मुताबिक पारिवारिक झगड़ों और तानों से परेशान होकर पूरनमल ने अपने माता-पिता से करीब दो साल पहले ही बातचीत बंद कर दी थी। जैसे-जैसे तनाव बढ़ा, वह डिप्रेशन में चला गया। पिछले एक साल से नेवी अस्पताल, INS अश्विनी में उसका इलाज चल रहा था। इस दौरान वह बीमारी की छुट्टी पर था और उसने कई बार आत्महत्या करने की धमकी भी दी थी।
मुंबई पुलिस जांच में पूरनमल और उसकी पत्नी ओमा के बीच लगातार झगड़े होने की बात भी सामने आई है। घटना से करीब 8 से 10 दिन पहले ओमा के पिता उसे वापस गांव ले जाने के लिए मुंबई आए थे। हालांकि, पूरनमल ने अपनी पत्नी को गांव भेजने से इनकार कर दिया था। इस दौरान गुस्से में आकर उसने ओमा का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था।
इस मामले की जांच कर रही कफ परेड पुलिस ने अब तक लगभग 8 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें पूरनमल का इलाज करने वाले डॉक्टर, उनके माता-पिता, उनके बड़े भाई बृजलाल और सोसाइटी के कचरा उठाने वाले व्यक्ति शामिल हैं।
इस बीच, सोसाइटी के कचरा उठाने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले लगातार दो दिनों तक मेहरा परिवार के घर के बाहर कोई कचरा नहीं रखा गया था। पूरनमल के पिता ने भी पुलिस को बताया कि वह लगभग एक साल पहले अपने बेटे को वापस गांव ले जाने के लिए मुंबई आए थे, लेकिन पूरनमल ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था।
पुलिस जांच से पता चला कि घटना से लगभग 24 घंटे पहले यानी 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे पूरनमल ने अपने पिता को एक व्हाट्सएप मैसेज भेजा था। मैसेज में उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि, "आओ और हमारे शव ले जाओ।
जब पूरनमल की मां ने 15 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे मैसेज देखा, तो उन्होंने तुरंत नेवी के कंट्रोल रूम को सूचित किया। इसके बाद नेवी के अधिकारी और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पूरनमल अपनी पत्नी और दोनों बेटों की कथित तौर पर हत्या करने के बाद आत्महत्या कर चुके थे।
जांच के दौरान एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या करने से कुछ समय पहले पूरनमल ने अपना और अपनी पत्नी का मोबाइल फोन पूरी तरह से फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस अब साइबर विशेषज्ञों की मदद से दोनों फोन से डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है।