रात के समय बस में अंधेरे का फायदा उठा कर कंडक्टर ने की घिनौनी हरकत, MSRTC की चलती बस में महिला से छेड़छाड़

MSRTC Conductor Molests Woman: वाशिम से छत्रपती संभाजीनगर जा रही MSRTC बस में महिला यात्री से कंडक्टर ने की छेड़छाड़। पीड़िता ने मेहकर पहुंचकर परिजनों को दी जानकारी, शिकायत दर्ज।
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MSRTC की बस के कंडक्टर ने की महिला से छेड़छाड़ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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MSRTC Bus Conductor Molests Woman Passenger: वाशिम से छत्रपती संभाजीनगर के बीच चलने वाली राज्य परिवहन महामंडल (MSRTC) की एक बस में महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ और विनयभंग का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। रात के समय और बस के भीतर के अंधेरे का फायदा उठाकर बस कंडक्टर द्वारा की गई इस हरकत ने एक बार फिर सरकारी बसों में महिला यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस संख्या MH-14 BT 9601 शुक्रवार शाम करीब 6 बजे वाशिम से छत्रपती संभाजीनगर के लिए रवाना हुई थी। इस बस में वाशिम से दो महिलाएं सवार हुई थीं। बस में यात्रियों की भारी भीड़ होने के कारण बैठने की जगह नहीं थी, जिस वजह से एक महिला को विवश होकर कंडक्टर (वाहक) के बगल वाली सीट पर बैठना पड़ा, जबकि उसकी सहेली बस की पिछली सीट पर बैठी थी।

रात का अंधेरा और मजबूरी का फायदा

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पूरे सफर के दौरान बस कंडक्टर ने उसके साथ बार-बार अयोग्य और अश्लील व्यवहार किया। चूंकि रात का समय था और बस में अंधेरा था, साथ ही वह महिला अकेली पड़ गई थी, इसलिए उसने बस के भीतर किसी भी तरह का विवाद करना उचित नहीं समझा। अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसने चुपचाप अपमान सहा और मेहकर तक का सफर तय किया।

परिजनों को बताई आपबीती, विभाग में शिकायत दर्ज

जैसे ही बस मेहकर पहुंची और महिला सुरक्षित नीचे उतरी, उसने तुरंत अपने परिजनों को फोन कर कंडक्टर की करतूतों के बारे में जानकारी दी। इस घटना के बाद पीड़ित महिला ने बुलढाणा विभाग नियंत्रक के पास एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि संबंधित वाहक के विरुद्ध सखोल गहन जांच की जाए और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, उसे तुरंत सस्पेंड किया जाए।

सुरक्षा पर उठते सवाल

इस घृणास्पद कृत्य के बाद आम यात्रियों और विशेषकर महिलाओं में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यदि राज्य परिवहन की बसों में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो वे सफर कैसे करेंगी। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे विकृत मानसिकता वाले कर्मचारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके। फिलहाल, एसटी महामंडल के प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

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