संसद का महासत्र: नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बड़े बदलाव की तैयारी, शिंदे ने बताया- लोकतंत्र का स्वर्णिम अध्याय!
Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2026: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र। सीएम एकनाथ शिंदे ने पीएम मोदी के फैसले को बताया ऐतिहासिक। जानें 2029 चुनावों पर इसका असर।
- Written By: प्रिया जैस
एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nari Shakti Vandan Bill: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा है कि आगामी 16 अप्रैल 2026 को संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (Nari Shakti Vandan Bill) में प्रस्तावित संशोधनों को प्रस्तुत करने का फैसला ऐतिहासिक है। उन्होंने इस फैसले के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि मैं इस दूरदर्शी निर्णय के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।
यह ऐतिहासिक कदम विधायिकाओं और लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक स्वर्णिम अध्याय सिद्ध होगा। एकनाथ शिंदे ने आगे कहा कि यह पहल केवल एक विधायी सुधार मात्र नहीं है, अपितु शासन और राष्ट्र-निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है।
महिलाओं के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम बड़ा कदम
यह न्याय, समानता और महिला सशक्तीकरण के प्रति आपकी अटूट प्रतिवद्धता का परिचायक है, जिससे हमारे समावेशी लोकतंत्र की नींव और सुदृढ़ होगी। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने महिलाओं के उत्थान हेतु अनेक साहसिक निर्णय लिए हैं।
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महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाएं
‘मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम’, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘जन धन योजना’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम’, ‘मिशन शक्ति’ और ‘पोषण अभियान’ जैसे उपक्रमों ने महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें गरिमा, अवसर और सुरक्षा प्रदान की है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Bill) भी इस दिशा में एक बड़ा कदम है।
