नरहरी झिरवल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Narhari Zirwal Video Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से हलचल मचाने वाले NCP नेता और मंत्री नरहरी झिरवल के “आपत्तिजनक” वीडियो मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। मुंबई पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार किया गया एक ‘डीपफेक’ है। इस मामले में पुलिस ने एक तृतीय लिंगी (ट्रांसजेंडर) व्यक्ति के भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पिछले सप्ताह खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल का एक कथित वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैला, जिसमें वह अपने सरकारी आवास पर एक तृतीय लिंगी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था। हालांकि, अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह वीडियो मंत्री की छवि खराब करने के लिए तकनीक का सहारा लेकर बनाया गया था।
अधिकारी ने बताया कि जिस तृतीय लिंगी का वीडियो में इस्तेमाल हुआ, उन्होंने खुद कफ परेड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी (शिकायतकर्ता का भाई) ने कुछ महीने पहले निजी वीडियो रिकॉर्ड किए थे और बाद में AI टूल्स का उपयोग कर उनमें मंत्री झिरवाल का चेहरा जोड़ दिया। आरोपी ने इस फर्जी वीडियो के दम पर मंत्री के विभाग में सरकारी नौकरी और मोटी रकम की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर उसने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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मुंबई पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस साजिश के पीछे कोई राजनीतिक हाथ भी है या यह सिर्फ व्यक्तिगत लालच का मामला था। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से वीडियो के सोर्स और एडिटिंग टूल्स का पता लगाया जा रहा है।