दूध से पैर धुलवाने वाले वीडियो पर नाना पटोले ने तोड़ी चुप्पी, बीजेपी ने बताया इसे कांग्रेस की विचारधारा

Nana Patole Milk Video Row: दूध से पैर धुलवाने का वीडियो वायरल होने पर नाना पटोले ने दी सफाई; बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने 'कांग्रेस कल्चर' बता साधा निशाना।
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गुरु पूर्णिमा पर दूध से पैर धुलवाते नाना पटोले (सोर्स-सोशल मीडिया)
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BJP on Nana Patole Milk Video: महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सूबे की राजनीति में नया उबाल आ गया है। वायरल क्लिप में दो कार्यकर्ता गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नाना पटोले के पैर दूध से धोते, उन पर फूलों की पंखुड़ियाँ बरसाते और फल चढ़ाते नजर आ रहे हैं।

इस वीडियो के सामने आते ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे "सामंती मानसिकता" और "कांग्रेस की विचारधारा" करार देते हुए तीखा हमला बोला है। विवाद बढ़ने के बाद नाना पटोले ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपनी सफाई पेश की है।

यह कांग्रेस की सामंती मानसिकता दर्शाती है

वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। बावनकुले ने कहा कि अपने कार्यकर्ताओं से पैर धुलवाना और उनका इस्तेमाल करना कांग्रेस पार्टी के कल्चर को साफ तौर पर दर्शाता है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता कार्यकर्ताओं को अपने पैरों के पास बिठाकर ऐसे कृत्य करवाते हैं, जिससे जनता के बीच केवल आलोचना और बदनामी ही हासिल होती है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि एक तरफ जहाँ पटोले फोन में व्यस्त हैं, वहीं कार्यकर्ता उनके पैर धो रहे हैं।

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आदर और सम्मान का भाव था, कोई गलत काम नहीं

सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए नाना पटोले ने कहा कि इस घटना में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, "वह गुरु पूर्णिमा का अवसर था और वीडियो में दिख रहे दो युवा मेरे परिवार के सदस्यों जैसे हैं। उन्होंने जिद की कि वे मुझे अपना गुरु मानते हैं और सम्मान व्यक्त करने के लिए यह रस्म निभाना चाहते हैं।"

पटोले ने आगे कहा कि वे खुद को कोई संत या आध्यात्मिक गुरु नहीं मानते हैं और वे आमतौर पर किसी को अपने पैर छूने या धुलवाने को बढ़ावा नहीं देते, लेकिन कार्यकर्ताओं के भारी आग्रह पर उन्होंने इसकी इजाजत दे दी थी।

राम मंदिर चंदे पर बीजेपी को घेरा

आलोचना खारिज करते हुए नाना पटोले ने बीजेपी की नसीहतों पर भी पलटवार किया। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग मंदिर के चंदे का कथित दुरुपयोग करते हैं या ऐसे लोगों को संरक्षण देते हैं, उन्हें दूसरों को धर्म, परंपरा और संस्कृति की शिक्षा देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पटोले ने कहा कि बीजेपी बेवजह एक निजी और श्रद्धा भाव से जुड़ी घटना को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रही है।

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