

BJP On Shiv Sena Leader Meets CJP Chief: महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर अंदरूनी मतभेद एक बार फिर सतह पर आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता आमने-सामने आ गए हैं। इस ताजा सियासी घमासान की मुख्य वजह 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक और छात्र आंदोलक नेता अभिजीत दीपके के परिवार से शिवसेना नेताओं की मुलाकात बनी है।
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सरकार की छवि धूमिल करने वाले प्रदर्शनकारी के परिजनों से मिलना गठबंधन धर्म के खिलाफ है। बीजेपी नेताओं ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपनी पार्टी के उन नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
महाराष्ट्र सरकार में राजस्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यद्यपि यह शिवसेना का आंतरिक मामला है, लेकिन उपमुख्यमंत्री शिंदे को अपने नेताओं के आचरण पर ध्यान देना चाहिए। बावनकुले के अनुसार, "सत्ताधारी महायुति गठबंधन में रहते हुए ऐसे तत्वों को बढ़ावा देना और उनसे मिलना कतई उचित नहीं है।"
इसी क्रम में बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर ने भी संजय शिरसाट और एमएलसी बच्चू कडू पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अगर किसी आंदोलनकारी के पास जाएं तो समझ आता है, लेकिन सत्ता पक्ष के नेताओं का जाना जनता के बीच एक गलत संदेश देता है। दरेकर ने आरोप लगाया कि बच्चू कडू ने केवल पब्लिसिटी पाने के लिए दीपके से मुलाकात की, जिससे बीजेपी और शिवसेना के रिश्तों में अनावश्यक दरार बढ़ सकती है।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब छत्रपति संभाजीनगर के पालक मंत्री संजय शिरसाट ने 26 जुलाई को अभिजीत दीपके के आवास पर जाकर उनके माता-पिता से मुलाकात की। इसके बाद शिवसेना एमएलसी बच्चू कडू ने भी दीपके से मुलाकात की। शिरसाट महायुति के पहले ऐसे नेता थे जो खुलकर दीपके के परिवार से मिले और उन्हें सरकार की ओर से सुरक्षा दिलाने का भरोसा भी दिया।
शिरसाट ने इस दौरान स्पष्ट किया था कि उनके दीपके परिवार से पारिवारिक संबंध हैं, इसलिए वे उनका हाल-चाल पूछने पहुंचे थे। वहीं बच्चू कडू ने बीजेपी के विरोध पर पलटवार करते हुए कहा था कि वे एक आंदोलनकारी के तौर पर साथी संघर्षकर्ता से मिलने गए थे।
बीजेपी का मानना है कि अभिजीत दीपके केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते रहे हैं। ऐसे में गठबंधन के सहयोगी दल के शीर्ष मंत्रियों का उनके घर जाना सरकार की अपनी ही नीतियों और साख पर सवाल खड़े करता है। बीजेपी नेताओं ने एकनाथ शिंदे से मांग की है कि वे संजय शिरसाट और बच्चू कडू को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाएं और स्थिति स्पष्ट करें।