सावधान! नहीं लगेगा कोई लॉकडाउन: अफवाह फैलाने वाला मुंब्रा का युवक गिरफ्तार, फर्जी वीडियो से मचा था हड़कंप

Mumbai Lockdown Rumor: मुंबई-मुंब्रा में लॉकडाउन की झूठी खबर फैलाने वाला युवक गिरफ्तार। फर्जी वीडियो से फैली दहशत के बाद पुलिस ने आरोपी से सार्वजनिक माफी मंगवाई। अफवाहों से बचें।
Mumbai Lockdown Rumor
Mumbai Lockdown Rumor (फोटो क्रेडिट-X)
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Fake Lockdown Video: मुंबई के मुंब्रा इलाके में लॉकडाउन की एक झूठी खबर ने उस समय हड़कंप मचा दिया, जब एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। इस फर्जी वीडियो के कारण स्थानीय नागरिकों में भारी दहशत फैल गई और लोग घबराहट में जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजारों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि, मुंबई और ठाणे प्रशासन ने तुरंत स्पष्ट किया कि लॉकडाउन जैसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया है और यह केवल एक शरारतपूर्ण अफवाह थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंब्रा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और लॉकडाउन की अफवाह फैलाने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

वीडियो में दावा: "रात 12 बजे से सब बंद", घरों से बाहर निकले लोग

पकड़े गए युवक ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने बेहद आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि प्रशासन ने रात 12 बजे से पूरे इलाके में सख्त लॉकडाउन लागू करने का आदेश दिया है। देखते ही देखते यह वीडियो व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप्स में वायरल हो गया। अफवाह का असर इतना गहरा था कि सैकड़ों लोग बिना आधिकारिक पुष्टि के ही दुकानों पर उमड़ पड़े और एक-दूसरे को फोन कर जानकारी जुटाने लगे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मुंब्रा पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की सार्वजनिक माफी

सोशल मीडिया पर बढ़ती हलचल को देख मुंब्रा पुलिस तुरंत हरकत में आई। साइबर सेल की मदद से वीडियो बनाने वाले युवक की पहचान की गई और उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान युवक ने कबूल किया कि उसने बिना किसी आधार या पुष्टि के केवल सनसनी फैलाने के लिए यह वीडियो बनाया था। पुलिस ने न केवल उसे गिरफ्तार किया, बल्कि समाज में फैलाए गए भ्रम को दूर करने के लिए उससे सार्वजनिक रूप से माफी भी मंगवाई।

प्रशासन की अपील: सोशल मीडिया फॉरवर्ड्स से रहें सावधान

मुंब्रा पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी खबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाना कानूनी अपराध है और पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी महत्वपूर्ण सरकारी निर्णय की पुष्टि केवल आधिकारिक वेबसाइटों या विश्वसनीय समाचार माध्यमों से ही करें ताकि अनावश्यक डर से बचा जा सके।

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