

Mayor Ritu Tawde Mumbai Water Supply Planning: मुंबई शहर और उपनगरों को पानी सप्लाई करने वाले बांधों में फिलहाल पर्याप्त जलभंडारण मौजूद है, लेकिन अल नीनो के संभावित प्रभाव और तीव्र वाष्पीकरण को देखते हुए 31 अगस्त 2027 तक पानी का सख्त नियोजन किया जाएगा। मनपा सभागार में महापौर रितू तावड़े ने कहा कि पानी कटौती वापस लेने के संबंध में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सभागार में विरोधी पक्ष नेता किशोरी पेडणेकर के बयान का उत्तर देते हुए महापौर ने कहा कि मुंबईकरों को पर्याप्त पानी मिलना चाहिए, लेकिन राज्य के 265 से ज्यादा तहसीलों में गंभीर सूखे के हालात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्राताई अजित पवार भी खुद किसानों के खेतों में जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मौसम की अनिश्चितता के कारण राज्य सरकार ने 31 अगस्त तक पानी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
महापौर ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर आयुक्त और संबंधित अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। गारगाई पिंजाल परियोजना को महायुति सरकार ने मंजूरी दे दी है, लेकिन इसके पूरा होने में कम से कम पांच साल लगेंगे।
तब तक पानी की एक-एक बूंद बचाना जरूरी है। वन विभाग के साथ चर्चा करके बांधों के आसपास बहने वाले अतिरिक्त पानी को छोटे बांध बनाकर रोकने पर भी विचार किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए निगम के सभी 227 नगरसेवकों को भांडुप जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट कॉम्प्लेक्स) और बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों का अध्ययन दौरा करने का निर्देश दिया गया है। इससे जनप्रतिनिधियों को पानी की प्रक्रिया और जल नियोजन की गंभीरता का प्रत्यक्ष अनुभव होगा।
बढ़ती जनसंख्या और जल वितरण प्रणाली के दबाव को देखते हुए महापौर ने अनधिकृत आंतरिक टंकियों पर कार्रवाई करने, नई इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सख्त जांच करने और पुरानी जल वाहिनियों के रिसाव को युद्ध स्तर पर रोकने के निर्देश दिए हैं।
अंत में उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने वार्ड में नागरिकों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील करने का आह्वान किया।