

Mumbai BMC Water Cut: अल-नीनो की वजह से मौसम विभाग ने इस वर्ष मानसून 'सामान्य से कम' रहने का अनुमान जताया है। इस वजह से बीएमसी मुंबई में पानी की कटौती लागू करने की तैयारी कर रहा है।
बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि मौजूदा जल भंडार अगस्त के अंत तक चल सके। द्वीपीय शहर होने के कारण मुंबई के पास अपना जल स्रोत नहीं है और यह सात झीलों तुलसी, विहार, भातसा, तानसा, मोडक सागर, अपर वैतरणा और मिडिल वैतरणा पर निर्भर है। ये झीलें उपनगरीय मुंबई और ठाणे, नाशिक व पालघर जैसे उपग्रह जिलों में स्थित हैं।
हर साल मानसून के दौरान इन झीलों के जलग्रहण क्षेत्र भर जाते हैं और पूरे वर्ष शहर के घरों व प्रतिष्ठानों को पेयजल की आपूर्ति की जाती है। मनपा के आंकड़ों के अनुसार, इन सातों झीलों की कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है और सोमवार को जल भंडार 28.79 प्रतिशत यानी 4,16,714 मिलियन लीटर दर्ज किया गया।
बीएमसी रोजाना 3,850 मिलियन लीटर पानी सप्लाई करता है, जबकि कुल मांग 4,300 मिलियन लीटर है, जिससे 250 एमएलडी की कमी बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि पूरी क्षमता से पानी सप्लाई जारी रही तो मौजूदा भंडार केवल जुलाई के अंत तक ही चल पाएगा। अल नीनो के दौरान जून, जुलाई और अगस्त में सामान्य से कम बारिश होती है और तापमान अधिक रहता है।
मनपा के एक अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर जून के अंत तक झीलों में पानी भरना शुरू हो जाता है और अगस्त तक वे पूरी क्षमता तक पहुंच जाती हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए पानी की कटौती की योजना बनाई जा रही है कि वर्तमान भंडार अगस्त के अंत तक टिक सके। अधिक गर्मी के कारण वाष्पीकरण की दर भी तेज होगी।
अनुमान है कि शुरुआत में 5% से 15% तक पानी की कटौती 1 मई से लागू की जा सकती है, जिसकी घोषणा इसी सप्ताह होने की संभावना है। अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि जुलाई-अगस्त के बीच पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो मुंबई में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।
इस बीच, झीलों का जलस्तर घटने के कारण पिछले कुछ हफ्तों से बीएमसी लगातार पानी की कटौती लागू कर रहा है। जुलाई 2023 में भी अपर्याप्त बारिश के कारण जल स्तर 10 प्रतिशत से नीचे गिरने पर 10% कटौती की गई थी। उसी वर्ष बीएमसी ने आपात स्थिति का हवाला देते हुए राज्य सरकार से अतिरिक्त पानी की मांग भी की थी।