झीलों में सिर्फ 13.20% जल भंडार शेष, मुंबई के लिए 237.12 एमसीएम अतिरिक्त पानी होगा उपलब्ध
Mumbai Water Crisis: मुंबई की सात प्रमुख झीलों में जल भंडार घटकर 13.20 प्रतिशत रह गया है। राज्य सरकार ने बीएमसी को अपर वैतरणा और भातसा जलाशय से 237.12 एमसीएम अतिरिक्त पानी लेने की अनुमति दे दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई में पानी की आपूर्ति में राहत (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Water Crisis Relief News: महानगर में संभावित जल संकट को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मुंबईकरों को बड़ी राहत दी है। मुंबई-ठाणे को पानी उपलब्ध कराने वाली सात प्रमुख झीलों में जल भंडार लगातार घट रहा है और वर्तमान में कुल संग्रहण क्षमता का केवल 13।20 प्रतिशत पानी ही शेष बच्चा है।
इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बीएमसी की मांग स्वीकार करते हुए अपर वैतरणा और भातसा जलाशय से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की है। इस निर्णय से आगामी महीनों में मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुंबई की पेयजल व्यवस्था मुख्य रूप से भातसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, विहार और तुलसी झीलों पर निर्भर है। गर्मी बढ़ने और मानसून के आगमन में देरी की आशंका के बीच इन जलाशयों का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसी कारण बीएमसी ने राज्य सरकार के समक्ष अतिरिक्त जल भंडार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
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जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, बीएमसी को अपर वैतरणा परियोजना से 90 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) तथा भात्सा जलाशय से 147.12 एमसीएम अतिरिक्त पानी लेने की अनुमति दी गई है। कुल मिलाकर मुंबई के लिए 237.12 एमसीएम अतिरिक्त जल उपलब्ध रहेगा, जिसे आपातकालीन आवश्यकता के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
अतिरिक्त पानी के लिए BMC को चुकानी होगी राशि
- सरकारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों तथा अल-नीनों के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। ऐसे में जल संसाधनों का सावधानीपूर्वक उपयोग और वैज्ञानिक प्रबंधन बेहद आवश्यक माना गया है।
- राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त जल उपयोग के लिए लागू नियमों के अनुसार बीएमसी को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। साथ ही जलाशयों में उपलब्ध पानी का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने और समयबद्ध जल प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए है।
फिलहाल जारी रहेगी 10 प्रतिशत जल कटौती
अल-नीनो प्रभाव और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए मुंबई में 15 मई से 10 प्रतिशत जल कटौती लागू की गई थी। झीलों में तेजी से घटते जलस्तर के कारण प्रशासन अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की संभावना पर भी विचार कर रहा था। हालांकि राज्य सरकार से अतिरिक्त पानी की मंजूरी मिलने के बाद फिलहाल नई कटौती लागू करने की योजना को स्थगित कर दिया गया है।
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बीएमसी के अनुसार, 15 मई से शुरू हुई 10 प्रतिशत कटौती 17 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यदि मानसून अपेक्षा से देर से आता है या वर्षा सामान्य से कम होती है, तो यह अतिरिक्त्त जल भंडार मुंबई के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित होगा। सरकार के इस फैसले से करोड़ों मुंबईवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है और निकट भविष्य में संभावित जल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।
