मुंबई मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र के लिए इस बार बजट की पटरी साफ तौर पर स्पीड, सेफ्टी और सस्टेनेबिलिटी पर बिछी दिखती है। मुंबई को देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य योजनाओं के तहत 9,103।11 करोड़ की बड़ी राशि आवंटित की गई है।
यह फंड केवल नई परियोजनाओं का ऐलान नहीं, बल्कि मुंबई-पुणे और मुंबई-अहमदाबाद जैसे अहम कॉरिडोर पर भविष्य की आवाजाही का ब्लूप्रिंट है। जिस हिसाब से एमएमआर रीजन में यात्री और जनसंख्या में बढ़त देखी जा रही है। उसके अनुसार समय रहते अच्छे और किफायती ट्रांसपोर्ट सिस्टम की आवश्यकता है।
सबसे बड़ा हिस्सा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मिला है। इस प्रोजेक्ट के लिए 6,103 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पश्चिम भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क की रीढ़ बनेगा। इसके साथ ही पुणे-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना को भी रफ्तार दी जा रही है।
करीब 170 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर सफर का समय घटकर 48 मिनट रहने का अनुमान है, यह कॉरिडोर न सिर्फ दो औद्योगिक शहरों को जोड़ेगा, बल्कि महाराष्ट्र के आर्थिक नवशे को नया आकार देगा।
शहरी परिवहन की बात करें तो मुंबई की मेट्रो और लोकल नेटवर्क पर भी खास फोकस है। मुंबई मेट्रो परियोजनाओं के लिए 1,702 करोड़ दिए गए हैं, जिससे नई लाइनों के काम और रोलिंग स्टॉक को गति मिलेगी। वहीं, उपनगरीय रेल सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले एमयूटीपी 3 के लिए 462 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका सीधा असर लोकल ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने और भीड़ कम करने पर पड़ेगा।
भविष्य की मोबिलिटी को ध्यान में रखते हुए एमएमआर में ग्रीन मोबिलिटी के लिए 155.32 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसमें इलेट्रिक बसें, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कम-कार्बन ट्रांसपोर्ट विकल्पों को बढ़ावा देने की योजना शामिल है। इसके अलावा समृद्धि एक्सप्रेसवे पर आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के लिए 680.79 करोड़ रखे गए हैं, जिससे हाईवे सेफ्टी और ट्रैफिक मॉनिटरिंग को तकनीकी मजबूती मिलेगी।
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