ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई: मुंबई में 90 करोड़ ऋण घोटाला, सनशाइन डेवलपर्स के साझेदारों पर आरोपपत्र दाखिल
Mumbai Builder Loan Fraud Case: मुंबई में आर्थिक अपराध शाखा ने सनशाइन डेवलपर्स के साझेदारों पर 90 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले का आरोपपत्र दाखिल किया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
नवी मुंबई एजुसिटी प्रोजेक्ट अपडेट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Mumbai Sunshine Developers Loan Fraud: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सनशाइन डेवलपर्स के, तीन साझेदारों के खिलाफ विस्तृत आरोपपत्र दाखिल में भांडुप में दो परियोजनाओं के लिए एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से लगभग 90 करोड़ रुपये का निर्माण ऋण लिया था।
हालांकि, जांचकर्ताओं ने पाया कि 90 करोड़ रुपये में से 18.22 करोड़ रुपये कथित तौर पर अन्य कंपनियों और व्यक्तिगत खातों में स्थानांतरित कर दिए गए और ऋण की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इनका दुरुपयोग किया गया।
धन के इस दुरुपयोग के कारण परियोजना का निर्माण कार्य 2019 में रुक गया और बाद में कंपनी दिवालिया हो गई, जिससे शिकायतकर्ता और ऋणदाता दोनों को वित्तीय नुकसान हुआ है।
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ईओडब्ल्यू ने पंकज भूटा, कश्यप मेहता और अतुल भरानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 406 (जाली दस्तावेज बनाने) के तहत आरोप पत्र दायर किया है।
मुंबई पुलिस ने अदालत को बताया कि जब अधिकारी इन तीनों आरोपियों को आरोपपत्र दाखिल करने के समय पेश होने ग के लिए नोटिस देने गए, तो उनमें से कोई भी उपस्थित नहीं था।
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जांच में सहयोग नहीं कर रहे आरोपी
- एक आरोपी की पत्नी ने तो नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया।
- यह मामला शिकायतकर्ता प्रतीक वीरा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से संबंधित है।
- जो एक निर्माण और वित्त उद्यमी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें धोखा देकर उनके समूह से 150 करोड़ रुपये सनशाइन ग्रुप में, निवेश करवाए गए और बाद में जाली दस्तावेजों और अनधिकृत ऋणों के माध्यम से उनसे 250 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
- धन के इस दुरुपयोग के कारण 2019 में परियोजना का निर्माण कार्य रुक गया, जिससे घर खरीदारों और ऋणदाताओं को भारी नुकसान हुआ।
अंततः कंपनी दिवालिया घोषित हो गई। - पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और आरोपपत्र दाखिल करने के दौरान दिए गए नोटिस का भी उन्होंने उचित जवाब नहीं दिया है।
