Mumbai Political Crisis Rohit Pawar News: राकां शरद गुट के नेता रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राकां अजीत गुट के नेताओं प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहित पवार का दावा है कि अजीत पवार के निधन के बाद इन नेताओं ने सुनेत्रा पवार को बिना बताए पार्टी पर कब्ज़ा करने की कोशिश की।
रोहित पवार ने बताया कि अजीत पवार का हादसा 28 जनवरी को हुआ था। इसके बाद जब तक सुनेत्रा पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया गया, उस बीच यदि किसी ने चुनाव आयोग से पत्राचार किया हो तो उसे मान्य न माना जाएऐसा पत्र खुद सुनेत्रा पवार ने लिखा था।
रोहित पवार के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को, यानी अजीत पवार के निधन के 18 दिन बाद, चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा गया था, जिस पर प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे और ब्रिजमोहन श्रीवास्तव के हस्ताक्षर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पत्र में गलत जानकारी दी गई थी कि पार्टी का संविधान बदल दिया गया है और कार्याध्यक्ष को सभी अधिकार दे दिए गए हैं।
रोहित पवार के मुताबिक, यह सब सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार और अन्य विधायकों को बिना बताए किया गया और इसके जरिए पार्टी के सभी अधिकार प्रफुल पटेल को सौंपने की कोशिश की गई। रोहित ने यह भी दावा किया कि अजीत पवार के घर के बाहर काला जादू करने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सब पार्टी पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से किया जा रहा था। अजीत के कुछ फैसले से से प्रफुल और तटकरे असहमत थे अजीत पवार के हादसे के दो दिन बाद ही पीयूष गोयल का बयान आया कि प्रफुल पटेल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं, हालांकि बाद में उन्होंने इसे गलती बताया।
रोहित ने यह भी कहा कि अजीत पवार के अंतिम संस्कार के दौरान प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे किस उद्देश्य से मौजूद थे, इसकी भी जांच होनी चाहिए। साथ ही 27 तारीख को हुई बैठक और उसमें हुई देरी पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे पार्टी पर नियंत्रण चाहते थे। अजीत पवार के समय पार्टी में कुछ खर्च और फैसले ऐसे थे जिनसे ये नेता असहमत थे और संभवतः इसी वजह से वे पार्टी की कमान अपने हाथ में लेना चाहते थे।
गहराई से जांच की मांग रोहित ने सुनेत्रा पवार को सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा क