

Mumbai Police Viral Video: देश भर में नीट परीक्षा पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलनों के बीच महाराष्ट्र से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पुलिस कर्मचारी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खुलेआम धमकी देते हुए कह रहा है कि यदि वे दोबारा आंदोलन में दिखे, तो उनकी जेब में 50-50 ग्राम नशीले पदार्थ (ड्रग्स) डालकर उन्हें ऐसे झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा कि उनकी जमानत भी नहीं होगी।
छात्रों द्वारा चुपके से बनाए गए इस वीडियो के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने इस वीडियो को लेकर सीधे राज्य के गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है।
वायरल हो रहे इस वीडियो में खाकी वर्दी पहने एक पुलिस कर्मचारी बेहद तल्ख और धमकी भरे लहजे में प्रदर्शनकारी युवाओं से बात करता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "अगर दोबारा किसी आंदोलन या प्रोटेस्ट में दिखे, तो जेब में 50-50 ग्राम ड्रग्स का पैकेट डालकर अंदर कर दूंगा। फिर चक्कर काटते रहना, कोर्ट से बेल भी नहीं मिलेगी और जिंदगी भर जेल में सड़ोगे।"
हालांकि, यह वीडियो महाराष्ट्र के किस विशिष्ट शहर या पुलिस स्टेशन का है, इसकी आधिकारिक प्रशासनिक पुष्टि होना अभी बाकी है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो मुंबई पुलिस का है। लेकिन नीट आंदोलन के बीच इस प्रकार किसी पुलिसकर्मी द्वारा छात्रों का करियर तबाह करने की धमकी दिए जाने से अभिभावकों और नागरिक समाज में भारी आक्रोश है।
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने इस विवादित वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीधे टैग किया है। रोहित पवार ने तीखा सवाल पूछते हुए लिखा, "दुनिया में किसी को भी इस बात पर हैरानी नहीं होनी चाहिए कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए बीजेपी सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
क्या यह व्यक्ति कोई जिम्मेदार पुलिस अधिकारी है या फिर कोई ड्रग तस्कर? सरकार को सबसे पहले इस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर इसकी गहन जांच करानी चाहिए।" उन्होंने चेतावनी दी कि हक की आवाज उठाने वाले निर्दोष छात्रों को झूठे मामलों में फंसाने की किसी भी साजिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी इस घटनाक्रम पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "जब देश का युवा न्याय और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से सड़कों पर उतर रहा है, तब देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाला गृह मंत्रालय क्या युवाओं का भविष्य बर्बाद करने पर उतारू है? यह अत्यंत गंभीर मामला है।"
राज ठाकरे ने मांग की कि मुख्यमंत्री फडणवीस को तत्काल प्रभाव से संबंधित पुलिस अधिकारी को निलंबित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी जांच कराने की मांग रखी कि अब तक इस तरह हथकंडे अपनाकर कितने बेगुनाह युवाओं और नागरिकों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।