मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai New Police Stations And DCP Zones: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई मे तेजी से बढ़ती जनसंख्या, शहरी विस्तार और कानून-व्यवस्था की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य के गृह विभाग ने मुंबई पुलिस बल के ढांचे को औस मजबूत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गृह विभाग ने मुंबई पुलिस आयुक्तालया के अंतर्गत 4 नये पुलिस स्टेशन, दो नये पुलिस उपायुक्त (DCP) जोन तथा 3 नये सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विभागों के गठन को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
जानकारी के अनुसार, जोन-8 में दो, जोन-7 में दो, जोन-11 में एक औस जोन-10 में एक पुलिस थाने की मंजूरी हुई है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य पुलिस स्टेशनों के विशाल कार्यक्षेत्र और भारी आबादी के बोझ को कम करना है। मुंबई के कई पुलिस थानों पर जनसंख्या का अत्यधिक बोझ है। जहां एक सामान्या पुलिस स्टेशन 3 से 5 लाख लोगों को कवर करता है। वहीं, घाटकोपर पुलिस स्टेशन अकेले 13 लाख और शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन 10 लाख से अधिक आबादी की सुरक्षा करता है। इन दोनों पुलिस स्टेशनों पर जनसंख्या का सबसे अधिक बोझ है, और सुरक्षा के लिहाज से दबाव काफी ज्यादा है।
तिलक नगर (6 लाख) और मलाड (4.5 लाख) जैसे क्षेत्रों में भी सुरक्षा के लिहाज से दबाव बहुत अधिक है। नये पुलिस स्टेशनों के निर्माण से इन भारी-भरकम कार्य क्षेत्रों का ) विभाजन होगा, जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।
वर्तमान में मुंबई में 13 पुलिसिंग जोन (1 से 12 और एक पोर्ट जोन) कार्यरत हैं। जो 5 प्रादेशिक क्षेत्रों में विभाजित हैं। नए बदलावों के तहत दो नये जोन जोड़े गए हैं। जिससे मौजूदा जोन के नंबरों में भी बदलाव हुआ है।
जोन-7 (पूर्वी उपनगर): यह नया जोन घाटकोपर-तिलक नगर क्षेत्र को केंद्रित करेगा। इसमें चुनाभट्टी, नेहरू नगर, तिलक नगर, पंतनगर, घाटकोपर और विनोबा भावे नगर जैसे स्टेशन शामिल होंगे। साथ ही, असल्फा में एक नया पुलिस स्टेशन भी बनाया जाएगा।
जोन-12 (उत्तरी मुंबई): यह जोन अंधेरी-गोरेगांव-मलाड कॉरिडोर की सुरक्षा संभालेगा। इसमें वर्सोवा, ओशिवारा, अंबोली, गोरेगांव, बांगुर नगर और मलाड स्टेशन शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, मार्वे में एक नया तटीय (कोस्टल) पुलिस स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार ने 4 नये पुलिस स्टेशनों के लिए विभिन्न रैंकों में कुल 1,448 पद मंजूर किए हैं। प्रत्येक नए स्टेशन में 5 पुलिस निरीक्षक, 6 सहायक पुलिस निरीक्षक, 23 उप-निरीक्षक, 20 सहायक उप-निरीक्षक, 87 हेड कांस्टेबल और 217 कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे। जिसमें लिपिक कर्मचारी, हवलदार और वाहन चालक शामिल है। इन परिमंडली पर 6.24 करोड़ रुपये का वार्षिक आवर्ती खर्च आएगा, जबकि 83.95 लाख रुपये का अनावर्ती खर्च स्वीकृत किया गया है।
शिवाजी नगर के नगरसेवक जमीर कुरैशी ने कहा कि शिवाजी नगर बैगनवाड़ी के साथ अन्याय हो रहा है। जल्द ही मैं मुख्यमंत्री या डीजीपी से मुलाकात कर इस क्षेत्र में एक और पुलिस स्टेशन बनाने के लिए पत्र दूंगा। शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में आधिकारिक तौर पर 10 लाख की आबादी बताई जा रही है। जबकि यह पांच नगरसेवकों वाला मुंबई का सबसे अधिक जनसंख्या वाला पुलिस स्टेशन है, थाने में मैन पावर की कमी के कारण अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसलिए इस क्षेत्र को सबसे ज्यादा जरूरत एक अतिरिक्त पुलिस स्टेशन की है।
एडवोकेट हाई कोर्ट आभा सिंह ने बताया कि क्राइम रोकने के लिए जरूरी है कि एफआईआर दर्ज हो, समय पर चार्जशीट दाखिल की जाए और ट्रायल भी समय पर पूरा हो। तभी अपराध पर नियंत्रण होगा, सिर्फ पुलिस स्टेशन, डीसीपी और एसीपी बढ़ाने से अपराध कम नहीं होंगे।
– नवभारत लाइव के लिए मुंबई से तारिक खान की रिपोर्ट