मुंबई में 7,379 करोड़ रुपये के दो बड़े फर्जीवाड़े, EOW की जांच शुरू, शेल कंपनियों से विदेश भेजी गई रकम

Maharashtra Crime News: मुंबई पुलिस की EOW ने सितंबर में ₹7,379 करोड़ के दो बड़े वित्तीय अपराध दर्ज किए हैं। शेल कंपनियों और फर्जी दस्तावेजों से रकम विदेश भेजने की जांच जारी है।
Two major frauds worth ₹7,379 crore in Mumbai
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai Police EOW Financial Crime Cases: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 31 अगस्त 2026 तक आर्थिक अपराध से जुड़े 80 मामले दर्ज किए हैं। मुंबई पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इन मामलों में करीब 5,485 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।

पिछले साल इसी अवधि में 75 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें 15,296.94 करोड़ रुपये की रकम शामिल थी। यानी मामलों की संख्या पांच बढ़ी, जबकि संबंधित राशि में काफी कमी आई।

सितंबर में 7,379 करोड़ के दो मामले

अगस्त तक आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में शामिल रकम पिछले साल की तुलना में कम थी, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में दो बड़े मामलों ने आंकड़ा बढ़ा दिया। EOW ने इन दोनों मामलों में कुल करीब 7,379 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता की जांच शुरू की है।

2,575 करोड़ रुपये विदेश भेजने का आरोप

पहले मामले में करीब 2,575 करोड़ रुपये कथित तौर पर शेल या फर्जी कंपनियों के माध्यम से विदेश भेजे जाने का आरोप है। EOW के अनुसार, कंपनी निदेशकों और चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और विदेशी मुद्रा भेजने के लिए जरूरी फॉर्म 15CB का इस्तेमाल किया।

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दूसरे मामले में 4,804.54 करोड़ की रकम

मुंबई शहर में दूसरे मामले में करीब 4,804.54 करोड़ रुपये विदेश भेजे जाने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में भी फर्जी या शेल कंपनियों और कथित तौर पर गलत तरीके से तैयार किए गए फॉर्म 15CB के जरिए रकम बाहर भेजी गई। दोनों मामलों में कर चोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका की जांच की जा रही है।

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दस्तावेजों की जांच नहीं करने का आरोप

EOW की जांच के मुताबिक, विदेश रकम भेजने के लिए जरूरी दस्तावेज, करार और आयकर संबंधी विवरणों की पर्याप्त जांच नहीं की गई। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर केवल कागजों पर मौजूद कंपनियों के जरिए इतनी बड़ी रकम कैसे विदेश भेजी गई।

EOW कर रही दोनों मामलों की जांच

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा दोनों मामलों में धन के लेन-देन, कंपनियों की भूमिका, दस्तावेजों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। सितंबर के इन मामलों ने अगस्त तक के आंकड़ों के मुकाबले आर्थिक अपराध से जुड़ी रकम को लेकर नया ध्यान खींचा है।

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