

MVA Rally Denied Permission: मुंबई पुलिस ने शनिवार दोपहर को प्रस्तावित महाविकास अघाड़ी (MVA) की बड़ी रैली पर रोक लगा दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली के लिए कोई लिखित अनुमति नहीं दी गई है। अगर आयोजकों द्वारा बिना अनुमति के पैदल मार्च या सभा निकालने का प्रयास किया जाता है, तो पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
इस प्रस्तावित रैली में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, एनसीपी (शरद पवार) अध्यक्ष शरद पवार और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे जैसे प्रमुख नेताओं को शामिल होना था।
महाविकास अघाड़ी ने दावा किया था कि मुंबई और ठाणे की मतदाता सूची में हजारों नाम या तो गायब हैं या फर्जी तरीके से जोड़े गए हैं। इसी गंभीर मुद्दे पर जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। यह रैली दोपहर दो बजे शिवाजी पार्क से शुरू होकर आजाद मैदान तक पैदल मार्च के रूप में निकाली जानी थी। आयोजकों ने इसके लिए औपचारिक आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस ने इसे खारिज कर दिया।
पुलिस का कहना है कि यह निर्णय शहर में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पुलिस प्रशासन नहीं चाहता है कि इस रैली की वजह से शहर में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा हो।
पुलिस के अनुसार, उन्हें आशंका थी कि रैली में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। इतने बड़े जमावड़े से मुख्य सड़कों पर भारी जाम लग सकता था और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकता था। इसके अतिरिक्त, शहर में पहले से ही चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों और अन्य आयोजनों को देखते हुए, पुलिस के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना मुश्किल हो रहा था। इन्हीं सभी कारणों को देखते हुए पुलिस ने अनुमति नहीं देने का फैसला किया।
फिलहाल मुंबई शहर में सामान्य यातायात व्यवस्था बनी हुई है। पुलिस ने किसी भी संभावित गड़बड़ी से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए हैं। जिस मतदाता सूची विवाद को लेकर एमवीए विरोध कर रहा था, उस पर निर्वाचन आयोग (Election Commission) भी जांच कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस जांच की रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है। पुलिस ने आयोजकों को साफ निर्देश दिया है कि बिना अनुमति किसी भी तरह का जमावड़ा न करें।
(एजेंसी एनपुट के साथ)