मुंबई पुलिस (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Police Social Media Ban On Uniform: मुंबई पुलिस ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्दी में रहते हुए रील, मिनी-व्लॉग या किसी भी अन्य प्रकार के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से सख्त रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।
यह निर्णय तब लिया गया जब यह देखा गया कि कार्यालय परिसर, सरकारी वाहनों, उपकरणों और आधिकारिक कर्तव्यों से संबंधित संवेदनशील जानकारी अनजाने में ऐसे वीडियो में दिखाई दे रही थी।
बता दें कि, जुलाई 2025 में, महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया था। लेकिन इसके बाद भी पुलिसकर्मी अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे।
उपायुक्त दत्तात्रेय कांबले ने शहर भर के करीब 51 हजार पुलिसकर्मियों को एक परिपत्र जारी किया है। उनके पर्यवेक्षण में कार्यरत सोशल मीडिया लैब को ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
परिपत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वर्दी में वीडियो बनाने या पोस्ट करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी-अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। देखा गया कि कई बार ड्यूटी से जुड़े संवेदनशील स्थान, सरकारी वाहन, उपकरण और कार्यालय परिसर अनजाने में कैमरे में आ जाते हैं। सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल निजी जीवन तक सीमित रखा जाए और ड्यूटी या यूनिफॉर्म से जुड़े किसी भी तरह के कंटेंट को साझा करने से बचा जाए।
पुलिस विभाग का मानना है कि इस तरह के वीडियो से न सिर्फ पुलिसकर्मियों की प्राइवेसी प्रभावित होती है, बल्कि ऑपरेशनल सिक्योरिटी को भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो रहे “खाकी स्वैग” जैसे ट्रेंड पर अब रोक लगने की संभावना जताई जा रही है।
इस आदेश को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए मुंबई पुलिस की सोशल मीडिया लैब को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। लैब अलग-अलग – ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगी और अगर कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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गौरतलब है कि इससे पहले कुछ विधायकों ने विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था कि पुलिसकर्मी यूनिफॉर्म में सोशल मीडिया वीडियो बनाकर पोस्ट कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।