मुंबई न्यू ईयर सेलिब्रेशन (सौ. सोशल मीडिया )
New Year Celebration In Mumbai: साल 2025 के आखिरी दिन बुधवार को मायानगरी मुंबई में नए साल के स्वागत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रात होते-होते मरीन ड्राइव, गिरगांव चौपाटी और दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
युवाओं से लेकर परिवारों तक ने समंदर किनारे आतिशबाजी, संगीत और सेल्फी के साथ 2026 का स्वागत किया। नए साल के जश्न को देखते हुए शहर के बड़े होटलों, बार, रेस्टोरेंट और क्लबों में विशेष न्यू ईयर पार्टियों का आयोजन किया गया।
भीड़ और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए मुंबई पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। शहर भर में 17 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, क्यूआरटी, एसआरपीएफ प्लाटून, बम निरोधक दस्ते और होमगार्ड के जवान शामिल रहे। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई। यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन सेवाओं में भी बढ़ोतरी की गई।
मुंबई मेट्रो लाइन पर 31 दिसंबर को 28 अतिरिक्त सेवाएं चलाई गई. देर रात तक मेट्रो संचालन से जश्न के बाद घर लौटने वालों को बड़ी राहत मिली। इसके अलावा मुंबई मेट्रो लाइन 3, लोकल ट्रेनों और बेस्ट बसों की सेवाएं भी देर रात तक जारी रहीं।
मुख्यमंत्री ने दी नए साल की शुभकामनाएं : मुख्यमंत्री के अलावा राज्यपाल आचार्य देवव्रत व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार व एकनाथ शिंदे ने भी राज्य के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दी है।
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फडणवीस ने विश्वास जताया कि नया साल राज्य के लिए समृद्धि और विकास का नया दौर लेकर आएगा। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बीते वर्ष की कड़वी यादों को पीछे छोड़कर आशा, एकता और सकारात्मकता के साथ आगे चढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हमेशा अग्रणी राज्य रहा है और इसकी प्रगति की पताका ऊंची रखने के लिए सामूहिक प्रवास आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने सभी के उत्तम स्वास्थ्य और सर्वांगीण प्रगति की कामना करते हुए कहा कि नया साल नई ऊर्जा, आशावाद और समृद्धि लेकर आएगा। न्यू ईयर इंच पर गिग वर्कर्स की प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हडताल। ताल के बीच फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और स्विगी ने डिलीवरी पार्टनर के लिए फेस्टिव पीरियड में बढ़े हुए भुगतान की घोषणा की है। कंपनियों का कहना है कि यह त्योहारों के दौरान अपनाई जाने वाली उनकी नियमित नीति का हिस्सा है, गिंग यूनियनों के अनुसार, बेहतर भुगतान, सुरक्षित कार्य परिस्थितियों और सम्मानजनक काम की मांग को लेकर लाखों वर्कर्स हड़ताल में शामिल हो सकते है।