

Mithi River Cleaning Progress: शहर में हर साल मानसून से पहले की जाने वाली तैयारियों को लेकर इस बार भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर मीठी नदी की सफाई का काम अपेक्षा के अनुसार आगे नहीं बढ़ पाया है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक मीठी नदी की सफाई का केवल 6 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है, जिससे समय पर काम पूरा होने को लेकर चिंता बढ़ गई है। बीएमसी के आंकड़े बताते हैं कि शहर में नाला सफाई का काम भी संतोषजनक गति से नहीं चल रहा है।
बड़े नालों की सफाई करीब 19 प्रतिशत तक पहुंची है, जबकि छोटे नालों का काम लगभग 22 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। मानसून आने में ज्यादा समय नहीं बचा है, ऐसे में धीमी रफ्तार प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही है।
इस स्थिति को देखते हुए बुधवार को अतिरिक्त आयुक्त विपिन शर्मा ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे सफाई कार्यों का मुआयना किया। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में तेजी लाई जाए और तय समयसीमा का पालन किया जाए।
अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी काम मानसून से पहले पूरे करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिल सके। हालांकि, नगरसेवकों ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन की आलोचना की है। कांग्रेस के गुट नेता अशरफ आजमी ने कहा कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में काम की प्रगति बेहद कम रही है।
उनका मानना है कि यदि इसी गति से काम चलता रहा, तो पूरा प्रोजेक्ट खत्म होने में कई महीने लग सकते हैं, जो व्यावहारिक नहीं है। वहीं। शिवसेना (यूबीटी) की नगरसेविका किशोरी पेडणेकर ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।