

Highlights:
मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे और अन्य शहरों में उपलब्ध जलभंडार के नियोजित उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।
खबर के अनुसार, कम बारिश के कारण मुंबई-MMR सहित विभिन्न शहरों को पानी देने वाले प्रमुख जलाशयों में जलस्तर घटा है।
जल संसाधन विभाग ने संभावित प्रतिकूल मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता की योजना बनाने पर जोर दिया है।
Mumbai MMR Water Crisis: अल नीनो के प्रभाव से महाराष्ट्र त्रस्त हो गया है। इस बार मानसून के पीठ फेरने की वजह से जहां किसानों की हालत खराब है,वहीं शहरों में पेयजल संकट की स्थिति बन गई है। अब आगामी मानसून तक जल उपलब्धता को लेकर अभी से ही राज्य में जलापूर्ति नियोजन पर जोर दिया जा रहा है।
कटौती का निर्णय
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ नवी मुंबई के साथ ठाणे व अन्य शहरों में जलापूर्ति में कटौती का निर्णय लिया गया है। विभिन्न शहरों में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जलापूर्ति में 10 से 15 प्रतिशत तक कटौती के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के जल संसाधन विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC), महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) और STEM सहित विभिन्न जलापूर्ति संस्थाओं ने जल नियोजन की योजना बनाई है।
बरसात में कमी के चलते मुंबई एमएमआर व अन्य शहरों को पानी सप्लाई वाले प्रमुख जलाशयों में 80 प्रतिशत से भी कम पानी बचा है। जल संसाधन विभाग ने अल नीनो की पृष्ठभूमि में 31 अगस्त 2027 तक पेयजल की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में सिंचाई विभाग की ओर से न्यूनतम 10 से 15 प्रतिशत पानी की बचत अथवा कटौती करने के संबंध में सूचित किया गया है। इसका उद्देश्य उपलब्ध जल भंडार का नियोजित उपयोग करना और संभावित प्रतिकूल मौसम की स्थिति में पेयजल आपूर्ति को लंबे समय तक बनाए रखना है।
STEM जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध सूचना के मुताबिक, STEM कंपनी की ओर से प्रत्येक बुधवार को 18 घंटे का शटडाउन लिया जाएगा। इस दौरान संबंधित जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में संबंधित नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन को पानी के वितरण का समय निर्धारित करने, वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने और नागरिकों को पहले से सूचना देने की आवश्यकता होगी। विशेष रूप से ठाणे जिले के उन क्षेत्रों में, जहां STEM की जलापूर्ति पर निर्भरता है। मुंबई व ठाणे मनपा ने भी पानी कटौती का निर्णय लिया है।
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) सहित महाराष्ट्र के अन्य शहरी इलाकों में जलापूर्ति की स्थिति स्थानीय जल स्रोतों, बांधों में उपलब्ध भंडार और संबंधित आपूर्ति संस्थाओं के निर्णयों पर निर्भर है। MIDC के औद्योगिक क्षेत्रों और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की योजनाओं में भी जल उपलब्धता के अनुसार नियोजन कर रहे हैं।