

Mumbai MHADA Lottery Update: मुंबई में अपने सपनों के आशियाने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों मध्यवर्गीय मुंबईकरों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। म्हाडा मुंबई बोर्ड के लगभग 2,500 से अधिक घरों की कंप्यूटरीकृत लॉटरी का इंतजार कर रहे आवेदकों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमानत राशि (Deposit Amount) जमा किए 90 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अब तक लॉटरी की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, जिससे आवेदकों में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है।
गौरतलब है कि म्हाडा ने 30 मार्च को मुंबई के 2,640 घरों के लिए लॉटरी योजना की शुरुआत की थी, जिसके लिए 75,366 से अधिक उत्सुक आवेदकों ने फॉर्म भरे थे। शुरुआत में लॉटरी ड्रॉ 15 मई को आयोजित किया जाना था, लेकिन कम आवेदनों का हवाला देकर कई बार आवेदन की तिथियां बढ़ाई गईं।
इसके बाद विधान परिषद चुनावों की आचार संहिता का कारण बताकर प्रक्रिया टाल दी गई। अब स्थिति यह है कि कई आवेदकों ने लॉटरी के लिए अमानत राशि क्रेडिट कार्ड से स्वाइप करके या रिश्तेदार-बैंकों से भारी ब्याज पर उधार लेकर भरी थी। तीन महीने से पैसा फंसा होने के कारण वे हर महीने भारी ब्याज भरने को मजबूर हैं।
सूत्रों के अनुसार, म्हाडा प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की व्यस्तता और लॉटरी कार्यक्रम के लिए समय न मिल पाने के कारण यह मामला अटका हुआ है।
म्हाडा मुंबई बोर्ड के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरिकर ने पिछले दिनों संकेत दिए थे कि जल्द ही आधिकारिक कार्यक्रम जारी होगा, लेकिन तारीखें बार-बार आगे खिसकने से आवेदकों की घर खरीदने की योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं।
म्हाडा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का पिछले हफ्ते कहना था कि अगले सप्ताह म्हाडा लॉटरी की अंतिम तिथि और ड्रॉ के पूरे कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी। जिसके बाद लोगों में उम्मीद बंधी थी कि जल्द ही उनके घर का सपना पूरा होगा। लेकिन अब तक ना ही कार्यक्रम हुआ है और ना ही कार्यक्रम की तिथि को लेकर कोई ऐलान किया गया है। ऐसे में लोगों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि म्हाडा अधिकारीयों की तरफ से इस मामले पर क्या बयान सामने आता है।