

Matoshree Meeting Uddhav Thackeray 5 MP Absent: सियासी गलियारों में इस समय जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ है। जो डर कभी बंगाल चुनाव के बाद ममता बनर्जी को सता रहा था, अब वही साया मुंबई के मातोश्री पर मंडराता दिख रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखिया उद्धव ठाकरे इस समय अपने ही सांसदों को लेकर खासे परेशान हैं। दरअसल, हाल ही में उद्धव ने पार्टी के सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी, जिसमें कुल 9 में से केवल 4 सांसद ही हाजिर हुए। 5 सांसदों की इस गैरमौजूदगी ने ऑपरेशन टाइगर और बंगाल जैसी टूट की चर्चाओं को हवा दे दी है।
मीटिंग से नदारद रहने वाले सांसदों में ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टिकर, संजय देशमुख और संजय जाधव के नाम शामिल हैं। हालांकि इन सांसदों ने अनुपस्थिति के पीछे निजी कारण बताए हैं, लेकिन उद्धव ठाकरे कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
उन्होंने कड़े शब्दों में संदेश भेजकर कहा है, आप अभी जहां भी हैं, प्रेस के लिए एक औपचारिक बयान जारी करें और पुष्टि करें कि आप मजबूती से मेरे साथ हैं। उद्धव ठाकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह के संदेह या अफवाह को बढ़ने नहीं देना चाहते, इसलिए अगले दो-तीन दिनों में सभी सांसदों को व्यक्तिगत रूप से 'मातोश्री' आकर मिलना होगा।
एक तरफ जहां अटकलों का बाजार गर्म है, वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि शिंदे गुट और बीजेपी हताशा में झूठी खबरें फैला रहे हैं। राउत ने फिल्मी अंदाज में चेतावनी देते हुए कहा कि बाघ को पिंजरे में कैद करना मुमकिन नहीं है और अब शिवसेना 'ऑपरेशन वुल्फ' शुरू करने जा रही है। फिलहाल, महाराष्ट्र की राजनीति में यह 'चूहे-बिल्ली' का खेल किस मोड़ पर रुकेगा, यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।