मुंबई में मराठी साइनबोर्ड विवाद गरमाया, छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई; बीएमसी ने वसूला 1.05 करोड़ जुर्माना

Mumbai Marathi Signboard: मुंबई में मराठी साइनबोर्ड न लगाने पर बीएमसी ने 1,423 दुकानों पर केस दर्ज कर 1.05 करोड़ जुर्माना वसूला। भाजपा ने पक्षपात का आरोप लगाया, वहीं शिवसेना ने दी चेतावनी।
BMC fined 1,423 Mumbai shops 1.05 cr for skipping Marathi signboards. While BJP alleged bias against small traders, Shiv Sena warned of strict action within a month.
Sanjay Ghadi ,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai Marathi Signboard BMC Law Committee: मुंबई बीएमसी कानून समिति की बैठक में भाजपा नगरसेवक तेजिंदर सिंह तिवाना ने बीएमसी पर छोटे व्यापारियों को निशाना बनाने और बड़े प्रतिष्ठानों को छोड़ देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जिन व्यावसायिक दुकानदारों ने अभी तक मराठी साइन बोर्ड नहीं लगाए हैं, उनके खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है।

आम दुकानदारों और छोटे व्यापारियों पर ही जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि बड़े होटल और औद्योगिक इकाइयों के मालिकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मुंबई के उपमहापौर संजय घाड़ी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो दुकानदार 1 महीने के भीतर नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ "शिवसेना स्टाइल" में कार्रवाई की जाएगी।

बीएमसी ने वार्ड और जोन स्तर पर 60 निरीक्षकों की नियुक्ति की है। प्रत्येक निरीक्षक को प्रतिदिन लगभग 50 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि "इस सप्ताह से व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों की दोबारा जांच की जाएगी, जिसके बाद कार्रवाई रिपोर्ट बीएमसी की कानून समिति को सौंपी जाएगी।

वरना शिवसेना स्टाइल में होगी कार्रवाई

घाड़ी बता दें कि फरवरी 2022 में राज्य सरकार ने दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन कर पूरे राज्य में मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य कर दिए थे। नियम के अनुसार बोर्ड पर मराठी भाषा अन्य भाषाओं की तुलना में बड़े और गाढ़े अक्षरों में लिखी जानी चाहिए। इसके बाद फेडेरेशन ऑफ रीटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद अदालत ने अस्थायी रोक लगाई थी।

सितंबर 2023 में यह रोक हटने के बाद बीएमसी ने नियम लागू करना शुरू किया और दुकानों को नवंबर 2023 तक अनुपालन का समय दिया था। मराठी साइनबोर्ड अभियान के खिलाफ कई व्यापारियों ने अदालत का रुख भी किया है। जिन 1.423 प्रतिष्ठानों पर मामले दर्ज हुए, उनमें से 395 ने स्थानीय अदालतों में बीएमसी की कार्रवाई

को चुनौती दी है, जबकि 1,014 प्रतिष्ठानों ने नियमों का पालन करने का फैसला किया है। बीएमसी ने नवंबर 2023 से अब तक मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाने वाले 1,423 प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामले दर्ज किए है, 1।05 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है और 3,774 दुकानों को नोटिस भेजे हैं।

बीएमसी पहले भेजती है नोटिस

कार्रवाई की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होती है। पहले बीएमसी नोटिस भेजती है। जवाब नहीं मिलने पर प्रति पंजीकृत प्रतिष्ठान पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है और 7 दिनों के भीतर नया बोर्ड लगाने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद भी पालन नहीं होने पर बीएमसी स्थानीय अदालत में मामला दर्ज कर व्यवसाय निलंबित करने की मांग करती है।

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