

मुंबई की महिला अधिकारी से शादी के नाम पर 17.97 लाख की ठगी।
ब्रिटिश नागरिक बनकर आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों से झांसा दिया।
कनाडाई नागरिक बनकर दूसरे आरोपी ने 8.49 लाख रुपये ठगे।
साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
Mumbai Mantralaya Officer Matrimonial Cyber Fraud Scam: मुंबई के मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत 34 वर्षीय महिला अधिकारी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल स्कैम का शिकार हो गईं।
आरोप है कि शादी का भरोसा दिलाकर दो अलग-अलग व्यक्तियों ने उनसे कुल 17.97 लाख रुपये ठग लिए। मामले का खुलासा होने के बाद साउथ रीजनल साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। जुलाई 2026 में उनकी बातचीत सुनील सिंह नाम के एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया। आरोपी ने महिला का विश्वास जीतने के लिए भारत आने का कथित फर्जी हवाई टिकट दिखाया।
इसके अलावा, उसने एक नकली बैंकिंग पोर्टल के जरिए महिला को बताया कि उसके खाते में 6 लाख अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 5 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके बाद आरोपी ने आरबीआई टैक्स, कस्टम शुल्क और स्विफ्ट एक्टिवेशन जैसी प्रक्रियाओं का हवाला देकर महिला से अलग-अलग किस्तों में पैसे लेने शुरू कर दिए।
इसी दौरान विशाल अग्रवाल नाम के एक अन्य व्यक्ति ने दूसरी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से महिला से संपर्क किया। उसने खुद को कनाडाई नागरिक बताया और कथित तौर पर अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे 8.49 लाख रुपये ऐंठ लिए।
दोनों मामलों में आरोपियों ने विदेशी नागरिक होने और आर्थिक रूप से संपन्न होने का भरोसा दिलाकर महिला को अपने जाल में फंसाया। बाद में दस्तावेजों के फर्जी होने की जानकारी सामने आने पर पीड़िता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
ठगी का पता चलने के बाद महिला ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मुंबई शहर की साउथ रीजनल साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस अब आरोपियों की पहचान, फर्जी दस्तावेजों और पैसों के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी गई रकम की बरामदगी को लेकर आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
ऑनलाइन शादी के प्रस्तावों पर भरोसा करने से पहले व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन करना जरूरी है। विदेशी खाते में रकम होने, कस्टम शुल्क या अन्य कथित मंजूरियों के नाम पर पैसे मांगने वाले प्रस्तावों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।