मुंबई पुलिस के स्केच आर्टिस्ट भी थे नाना पाटेकर; संदिग्धों के हूबहू चित्र बनाकर कई इन्वेस्टिगेशन में की मदद

Nana Patekar Mumbai Police: नाना पाटेकर असल जिंदगी में मुंबई पुलिस के स्केच आर्टिस्ट भी रह चुके हैं। गवाहों के बताए विवरण से संदिग्धों के स्केच बनाकर उन्होंने कई पुलिस इन्वेस्टिगेशन में मदद की थी।
nana patekar mumbai police sketch artist investigation story
नाना पाटेकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Nana Patekar Mumbai Police Sketch Artist: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी कड़क आवाज़, बेबाक अंदाज़ और जानदार अभिनय के लिए पहचाने जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि फ़िल्मी पर्दे पर पुलिस अधिकारी का दमदार किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर असल ज़िंदगी में भी पुलिस प्रशासन का अभिन्न हिस्सा रह चुके हैं।

उन्होंने अपनी चित्रकला के हुनर का इस्तेमाल करते हुए मुंबई पुलिस के लिए एक स्केच आर्टिस्ट के तौर पर काम किया और कई संदिग्धों के सटीक चित्र बनाकर जांच में महत्वपूर्ण मदद की थी।

13 साल की उम्र और ₹35 की नौकरी

नाना पाटेकर का शुरुआती जीवन अत्यधिक संघर्षपूर्ण रहा। महज़ 13 साल की उम्र में जब उनके पिता का व्यापार ठप्प हो गया, तो परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए उन्होंने काम करना शुरू कर दिया। वे रोज़ाना 8 किलोमीटर पैदल चलकर चूनाभट्टी जाते थे और फ़िल्मों के पोस्टर पेंट करने का काम करते थे। इसके बदले उन्हें महीने के सिर्फ़ 35 रुपये और दिन में एक वक्त का खाना मिलता था। इन विषम परिस्थितियों ने उन्हें जीवन के व्यावहारिक सबक सिखाए।

कला के प्रति उनका लगाव बचपन से ही था। उन्होंने मुंबई के प्रसिद्ध सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट्स से आर्ट की पढ़ाई पूरी की। हालांकि आगे चलकर वे रंगमंच और अभिनय की दुनिया में आ गए, लेकिन उन्होंने अपनी चित्रकला का साथ कभी नहीं छोड़ा।

nana patekar mumbai police sketch artist investigation story
नाना पाटेकर के NAAM Foundation का जलसंधारण अभियान, 10 सालों में 2246 जलस्रोतों को किया पुनर्जीवित

पुलिस के स्केच आर्टिस्ट और अंडरकवर कॉप

जब मुंबई में दंगे और आपराधिक घटनाएं बढ़ीं, तब नाना पाटेकर ने पुलिस प्रशासन की सहायता के लिए कदम बढ़ाया। उन्होंने गवाहों द्वारा दिए गए विवरणों के आधार पर संदिग्ध अपराधियों और आरोपियों के हूबहू स्केच तैयार किए। इतना ही नहीं, मुंबई पुलिस के सूत्रों के अनुसार उन्होंने पुलिस बल के साथ एक अंडरकवर कॉप के रूप में भी काम किया था।

nana patekar mumbai police sketch artist investigation story
नाना पाटेकर का पुणे के फार्महाउस में शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार, सरकार ने की राजकीय सम्मान की घोषणा

पुलिस संबंधों ने फ़िल्म की शूटिंग में दिलाई मदद

पुलिस विभाग के साथ नाना का यह गहरा संबंध बाद में उनके फ़िल्मी करियर में भी काम आया। जब वे निर्देशक तिग्मांशु धूलिया की फ़िल्म 'शागिर्द' की शूटिंग कर रहे थे (जिसमें उन्होंने एसीपी हनुमंत सिंह की भूमिका निभाई थी), तो पुलिस के साथ उनके ख़ास संबंधों के कारण दिल्ली के इंडिया गेट जैसी अति-संवेदनशील जगहों पर बिना कागज़ी अड़चनों के शूटिंग की अनुमति मिल गई थी।

₹35 महीने पर पोस्टर पेंट करने से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता बनने और पुलिस इन्वेस्टिगेशन में स्केच आर्टिस्ट के रूप में योगदान देने तक, नाना पाटेकर की यह जीवन-यात्रा संघर्ष, कला और कर्तव्यनिष्ठा की एक अनूठी मिसाल है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com