मुंबई में लग्जरी कारों पर RTO का शिकंजा, 132 गाड़ियां रडार पर; 5 करोड़ की टैक्स चोरी का अनुमान

Mumbai RTO Action: मुंबई में रोड टैक्स चोरी के खिलाफ RTO का बड़ा अभियान। दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड 132 लग्जरी कारों पर कार्रवाई, चार डीलरशिप्स की जांच और 4-5 करोड़ रुपये के बकाया टैक्स का अनुमान।
mumbai luxury cars road tax evasion rto action
मुंबई लग्जरी कार टैक्स चोरी(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • महाराष्ट्र के बाहर रजिस्टर्ड लग्जरी गाड़ियों की जांच के दौरान परिवहन विभाग ने 132 वाहनों पर कार्रवाई की है।

  • परिवहन विभाग के शुरुआती अनुमान के अनुसार, इन मामलों में करीब 4 से 5 करोड़ रुपये का मोटर वाहन कर बकाया हो सकता है।

  • टैक्स बचाने के लिए दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह देने के आरोपों के बीच चार प्रमुख वाहन डीलरशिप्स की जांच जारी है।

Mumbai Luxury Car Tax Evasion: मुंबई की सड़कों पर करोड़ों की गाड़ियां दौड़ाना और टैक्स बचाने के लिए दूसरे राज्यों का फर्जी पता दिखाना अब लग्जरी कार मालिकों को महंगा पड़ रहा है। टैक्स चोरी पर ताड़देव-अंधेरी आरटीओ का संयुक्त हंटर चलते ही शहर में 132 लग्जरी कारें नप गई हैं। जांच में सामने आया कि महाराष्ट्र का 15 से 20 फीसदी रोड टैक्स बचाने के लिए इन महंगी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन बाहर कराया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरटीओ ने सिर्फ चालान काटने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि ग्राहकों को टैक्स चोरी की सलाह देने वाली शहर की चार बड़ी डीलरशिप्स की जांच भी शुरू कर दी है।

मोटर वाहन कर बकाया

परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर के निर्देशानुसार मुंबई के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने पांच अक्टूबर से यह अभियान शुरू किया है। शुरुआती जांच में 45 मामले सामने आए, जिनमें दो महंगी गाड़ियां जब्त की गईं। साथ ही चार प्रमुख वाहन डीलरशिप्स की जांच भी जारी है। परिवहन विभाग का प्राथमिक अनुमान है कि इन मामलों में लगभग चार से पांच करोड़ रुपये का मोटर वाहन कर बकाया है।

65 वाहनों की जांच

मुंबई सेंट्रल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने हाल ही में बांद्रा-वर्ली सी लिंक टोल प्लाजा पर तीन फ्लाइंग स्क्वॉड के माध्यम से विशेष जांच अभियान चलाया। उप-क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पांच मोटर वाहन निरीक्षकों और पांच सहायक मोटर वाहन निरीक्षकों के दल ने 65 वाहनों की जांच की। इनमें से 35 वाहनों को महाराष्ट्र मोटर वाहन कर भरने के लिए ई-चालान जारी किया गया।

mumbai luxury cars road tax evasion rto action
नासिक जिले में सिंहस्थ कुंभ के नाम पर मकानों और दुकानों को न उजाड़ें, त्र्यंबकेश्वर के नागरिकों की मांग

मामलों की अब की जा रही गहन जांच

जांच में यह भी पाया गया कि कुछ गाड़ियों का पंजीकरण हाल ही में दूसरे राज्यों में कराया गया था। इस तरह अब तक ऐसे 132 लग्जरी वाहनों पर कार्रवाई की गई है। महाराष्ट्र में महंगी और आयातित गाड़ियों पर उनकी कीमत के आधार पर भारी मोटर वाहन कर लगाया जाता है, इसलिए कम टैक्स वाले राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के पतों का इस्तेमाल कर गाड़ी पंजीकृत कराने के मामलों की अब गहन जांच की जा रही है।

परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों और डीलरों से अपील की है कि केवल टैक्स बचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर दूसरे राज्यों में वाहनों का पंजीकरण न कराएं और महाराष्ट्र में चलने वाले वाहनों का नियमानुसार टैक्स भरें।

mumbai luxury cars road tax evasion rto action
संसद और चुनाव से होगा सत्ता परिवर्तन, सड़क पर आंदोलन से नहीं; नागपुर में उद्धव ठाकरे पर CM फडणवीस का पलटवार

फर्जी पतों या शेल कंपनियों का इस्तेमाल

महाराष्ट्र में महंगी और आयातित गाड़ियों पर रोड टैक्स वाहन की कीमत का 15 से 20 फीसदी तक होता है। 50 लाख से दो करोड़ रुपए तक की लग्जरी गाड़ियों के लिए यह टैक्स कई लाख रुपए तक पहुंच जाता है। जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि खरीदार फर्जी पतों या शेल कंपनियों का उपयोग करके 'डीडी' यानी दमन और दीव सीरीज के तहत वाहनों का पंजीकरण कराते हैं, जिससे वे अपनी टैक्स देनदारी को वैध राशि की तुलना में लगभग आधा या एक-तिहाई तक कम कर लेते हैं।

'सड़कें महाराष्ट्र की, तो टैक्स भी देना होगा यहीं'

आरटीओ ने सख्त लहजे में साफ किया है कि जो वाहन चालक महाराष्ट्र की सड़कों और बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें राज्य के राजस्व में अपना कानूनी हिस्सा हर हाल में चुकाना होगा। अधिकारियों के अनुसार इसी राजस्व से सार्वजनिक निर्माण कार्य, नई सड़कों का जाल और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी योजनाएं सीधे तौर पर पूरी होती हैं। विभाग के सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह कार्रवाई यहीं थमने वाली नहीं है। आने वाले हफ्तों में मुंबई के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों और व्यस्त ट्रैफिक कॉरिडोर पर इसी तरह के अचानक औचक निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।

Navbharat Live
navbharatlive.com