

Panvel Karjat Railway Line: महानगर के रेल नेटवर्क को अत्याधुनिक रफ्तार देने की दिशा में सेंट्रल रेलवे और एमआरवीसी ने ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। जुलाई माह में चले मैराथन मेगा ब्लॉक और युद्धस्तर पर हुए बुनियादी ढांचागत विकास कार्यों के तहत मुंबई लोकल ट्रेनों के लिए नई पटरियों का जाल पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रियों का सफर बेहद सुगम और तेज होगा।
पनवेल-कर्जत रेल परियोजना अब अपनी पूर्णता के बिल्कुल करीब पहुंच गई है, वहीं दूसरी ओर पनवेल-कर्जत से लेकर विरार-दहाणू कॉरिडोर तक पटरियों बिछाने और विस्तार का काम पूरी गति से धड़ाधड़ जारी है। इस अपग्रेडेशन अभियान के तहत न केवल पटरियों की क्षमता बढ़ाई गई है, बल्कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यात्रियों की सुविधाओं में भी अभूतपूर्व इजाफा किया गया है।
रेल प्रशासन की इस दूरदर्शी पहल से मुंबईकरों के लोकल सफर की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। पनवेल-कर्जत नई उपनगरीय रेल लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। जुलाई में चिखले और मोहपे में सबवे का निर्माण पूरा किया गया।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए 2 रेलवे ओवर ब्रिज खोल दिए गए। टनल 1 और टनल-3 में केबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है। करीब 4 किमी ओएचई कैटेनरी वायर, 4 किमी कॉन्टैक्ट वायर और 32 किमी ड्रॉपिंग वायर बिछाने का काम पूरा किया गया।
उम्मीद है कि 2026 के अंत तक रेलवे सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण पूरा हो जाएगा और यह मार्ग यात्रियों के लिए खोलने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
मुंबई में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने 28 जुलाई 2026 को एमआरवीसी की पूंजी संरचना में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी। अधिकृत शेयर पूंजी 25 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपए और चुकता पूंजी 25 करोड़ से बढ़ाकर 250 करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी गई। इससे मुंबई महानगर क्षेत्र में बड़े रेलवे बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों को लागू करने की एमआरवासी की क्षमता और मजबूत होगी।
इस परियोजना के तहत 21 जुलाई को भाईंदर में करीब 1.81 हेक्टेयर जमीन का वास्तविक कब्जा प्राप्त किया गया। इसके अलावा वसई रोड और भाईंदर में एक-एक कर्मचारी आवास भवन का निर्माण पूरा किया गया।
यात्रियों की सुविधाओं के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। कांदिवली और मीरा रोड के तैयार एलिवेटेड डेक पश्चिम रेलवे को सौंप दिए गए। मानखुर्द में पूर्व दिशा का नया बुकिंग कार्यालय शुरू किया गया। घाटकोपर में 55 मीटर लंबा नया एलिवेटेड डेक शुरू किया गया। यह डेक दक्षिण छोर के 65 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े एफओबी को मेट्रो एफओबी से जोड़ता है।
इसके अलावा प्लेटफॉर्म नंबर 1 के लिए सीढ़ी, प्लेटफॉर्म 2/3 और 4 के लिए डबल-डिस्चार्ज लैंडिंग और पूर्वी स्काईवॉक से कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई गई। इससे उपनगरीय रेलवे और मेट्रो के बीच यात्रियों का आवागमन अधिक सुगम होगा।
विरार-दहाणू चौथीकरण परियोजना में वांगांव-दहाणू खंड में आरओबी और माइनर ब्रिज नंबर 133 का काम पूरा हुआ। 15 जुलाई को केलवे रोड स्टेशन पर सिग्नलिंग और टेलीकॉम फेज-1 शुरू किया गया। इसी दिन साफाले से केलवे रोड के बीच अप और डाउन मेन लाइन पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग भी शुरू हुई। रिले हट नंबर 3 और 4 में नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम को भी चालू किया गया।https://navbharatlive.com/maharashtra/thane/mbmc-heritage-recruitment-cleaning-workers-controversy-1759602.html
पूंजी वृद्धि: अधिकृत पूंजी 25 करोड़ से बढ़कर 500 करोड़ रुपये
पनवेल-कर्जत 4 किमी कैटेनरी और 32 किमी ड्रॉपिंग वायर का काम पूरा
विरार-दहानू केलवे रोड पर सिग्नलिंग शुरू, 2 पुलों का काम पूरा
स्टेशन घाटकोपर, कांदिवली, मीरा रोड और मानखुर्द में नई सुविधाएं
गर्डर लॉन्चिंग विरार में 16, भयंदर में 10 और नालासोपारा में 7 गर्डर लगाए गए
डोंबिवली में 9/10 जुलाई की रात 6.5 मीटर चौड़े और 54 मीटर लंबे स्काईवॉक के लिए 5 गर्डर लॉन्च किए गए। दहिसर में 4/5 जुलाई की रात 6 मीटर चौड़े और 64 मीटर लंबे एफओबी के लिए 4 गर्डर लगाए गए। विरार में 21 से 26 जुलाई के बीच 25 मीटर चौड़े और करीब 360 मीटर लंबे एलिवेटेड डेक के लिए 16 गर्डर लॉन्च किए गए।
इसके अलावा मीरा भाईंदर में 10 और नालासोपारा में 7 गर्डर भी लगाए गए। एमआरवीसी के इन कार्यों से मुंबई की उपनगरीय रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को अधिक सुगम, तेज और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलने की उम्मीद है।