मीरा-भाईंदर मनपा में विरासत भर्ती पर विवाद, MBA पास कर्मचारी भी कर रहे टॉयलेट साफ

MBMC Heritage Recruitment: मीरा-भाईंदर मनपा में विरासत अधिकार के तहत नियुक्त शिक्षित कर्मचारियों से केवल सफाई कार्य कराने के आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर महासभा में भी तीखी चर्चा हुई।
MBMC Heritage Recruitment Cleaning Workers Controversy News
Mira Bhayandar (सोर्सः सोशल मीडिया)
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MBMC Heritage Recruitment Cleaning Workers Controversy News: मीरा-भाईंदर मनपा में विरासत अधिकार के तहत नियुक्त किए गए सफाई कर्मचारियों के शिक्षित वारिसों को अब केवल सफाई कार्य करने के निर्देश दिए जाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

स्थिति ऐसी वन गई है कि एमबीए जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त कर्मचारी भी शौचालय साफ करने को मजबूर हो रहे हैं। मनपा की आम सभा में पारित एक फैसले के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सफाईकर्मी पद पर नियुक्त कर्मचारियों से केवल सफाई कार्य ही कराया जाएगा।

दरअसल, राज्य सरकार की नीति के तहत चौथे दर्जे के सफाई कर्मचारियों के वारिसों को मनपा सेवा में शामिल किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों के परिवारों को रोजगार सुरक्षा और सामाजिक सम्मान देना है।

मनपा कर्मचारियों के संबंध में आदेश जारी

हाल ही में महासभा ने विरासत में मिले मनपा कर्मचारियों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। संबंधित कर्मचारियों की नियुक्ति सफाई कर्मी के रूप में हुई है, इसलिए उन्हें केवल सफाई कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। - सचिन बांगर, उपायुक्त, जन स्वास्थ्य विभाग, एमचीएमसी

प्रस्तुत की जाएगी जानकारी

इसके तहत कर्मचारियों की पत्नी, बेटे, बहू या नामित परिजनों को नौकरी में अवसर दिया जाता है। अब तक मनपा प्रशासन इन उत्तराधिकारियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग विभागों में नियुक्त करता रहा था। लेकिन हाल के दिनों में विरासत अधिकार भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायते सामने आने लगी। यह मुद्दा हाल ही में हुई महासभा में जोरदार तरीके से उठा, जहां सत्ताधारी भाजपा ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों का मामला उठाते हुए विस्तृत जांच की मांग की। महासभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस मामले की पूरी जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।

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