मुंबई लोकल यात्रियों को राहत, रेलवे ने वड़ा-पाव और समोसे की बढ़ी कीमतें वापस लीं

Vada Pav Price Hike: मुंबई लोकल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। सेंट्रल रेलवे ने स्टेशन स्टॉलों पर वड़ा-पाव और अन्य खाद्य पदार्थों की प्रस्तावित कीमत बढ़ोतरी को विरोध के बाद फिलहाल वापस ले लिया है।
Vada Pav Price Hike
वड़ा पाव प्राइस (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Vada Pav Price Hike Update: मुंबई की लोकल ट्रेनों में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सेंट्रल रेलवे ने स्टेशन स्टॉलों पर वड़ा-पाव, समोसा और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को फिलहाल वापस ले लिया है।

इसके साथ ही यात्रियों को अब भी 13 रुपए में बड़ा पाव और पुराने दामों पर अन्य नाश्ता उपलब्ध होता रहेगा। महंगाई और बढ़ते यात्रा खर्च के बीच रेलवे के इस फैसले से यात्रियों ने राहत की सांस ली है।

खास बात यह है कि बढ़ी हुई दरें लागू होने की घोषणा के महज एक दिन बाद ही रेलवे को अपना फैसला वापस लेना पड़ा, जिसके पीछे यात्री संगठनों और खानपान संघों का विरोध अहम माना जा रहा है।

सुबह की भागदौड़ में लोकल ट्रेन पकड़ने से पहले स्टेशन पर गर्म वड़ा पाव खाना मुंबईकरों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। किसी के लिए यह जल्दी में लिया गया नाश्ता होता है, तो किसी के लिए पूरे दिन की थकान के बीच पेट भरने का सबसे सस्ता सहारा।

ऐसे में जब सेंट्रल रेलवे ने स्टेशन स्टॉलों पर मिलने वाले वड़ा-पाव, समोसा और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, तो लाखों दैनिक यात्रियों की चिंता बढ़ गई थी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित नई दरें एक जून से लागू होने वाली थीं। इसके तहत 13 रुपए में मिलने वाला वड़ा-पाव 20 रुपए का हो जाता, जबकि 12 रुपए का समोसा भी सीधे 20 रुपए तक पहुंच जाता।

रेलवे प्रस्ताव का हुआ जमकर विरोध

इसके अलावा रगड़ा पाव, भेल, पाव और अन्य स्नैक्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी प्रस्तावित थी। हालांकि, फैसले की घोषणा के बाद यात्रियों, खानपान संघों और सामाजिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। इसके बाद दूसरे दिन ही रेलवे ने फैसला वापस ले लिया है, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है, खानपान संघ के प्रतिनिधियों ने भी रेलवे के प्रस्ताव का विरोध किया था। उनका आरोप था कि रेलवे स्थानीय और सस्ते खुले खाद्य पदार्थों की जगह महंगे ब्रांडेड पैकेट उत्पादों को बढ़ावा देना चाहता है।

तो रोज का बढ़ जाता खर्च

उनका कहना था कि चना, मूंगफली, चिक्की और मिल्कशेक जैसे स्थानीय विकल्प न सिर्फ किफायती है, बल्कि यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक भी है। दादर स्टेशन से रोज सफर करने वाले एक निजी कर्मचारी ने कहा कि सुबह घर से जल्दी निकलते हैं।

ऐसे में स्टेशन का बड़ा पाव ही कई बार नाश्ता बन जाता है। अगर इसकी कीमत 20 रुपए हो जाती तो रोज का खर्च काफी बढ़ जाता। वहीं एक कॉलेज छात्रा ने कहा कि लोकल ट्रेन में सफर करने वाले हजारों विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग स्टेशन के सस्ते खाने पर निर्भर रहते हैं।

पश्चिम रेलवे की तर्ज पर प्रस्तावित था संशोधन

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जूस और सोडा उत्पादों की कीमतों में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में संशोधन पश्चिम रेलवे की तर्ज पर प्रस्तावित किया गया था, जहां पहले ही दरों में बदलाव किया जा चुका है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com