Pink Platform: मुंबई में SRUCC की बैठक में प्रस्ताव, लोकल के महिला डिब्बे के सामने गुलाबी स्टॉपिंग पॉइंट!

Mumbai Local में महिला यात्रियों की सुविधा के लिए Pink Platform का प्रस्ताव रखा गया है। महिला डिब्बे के सामने गुलाबी मार्किंग से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और चढ़ने-उतरने में आसानी होगी।
Mumbai Local Pink Platform Women Safety SRUCC
महिलाओं के लिए पिंक प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pink Platform Women Coach Safety: लोकल ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। मुंबई रेल पैसेंजर एसोसिएशन ने लोकल के महिला डिब्बे का सटीक स्टॉपिंग पॉइंट पहचानने के लिए 'पिंक प्लेटफॉर्म'की अवधारणा रखी है। इससे भीड़भाड़ के समय महिलाएं सुरक्षित और आराम से अपने आरक्षित डिब्बे में चढ़ उतर सकेंगी।

प्लेटफॉर्म का हिस्सा गुलाबी रंग से चिह्नित

यह प्रस्ताव पिछले दिनों मुंबई स्थित सेंट्रल रेलवे मुख्यालय में हुई उपनगरीय रेलवे पैसेंजर सलाहकार समिति SRUCC की पहली बैठक में चर्चा के लिए रखा गया। प्रस्ताव के अनुसार, जिस जगह पर लोकल ट्रेन आकर महिला डिब्बे के लिए रुकती है, उस हिस्से को प्लेटफॉर्म पर गुलाबी रंग से विशेष रूप से चिह्नित किया जाएगा।

इससे ट्रेन आने से पहले ही महिलाएं सही जगह पर खड़ी हो सकेंगी। साथ ही पहली बार ट्रेन से सफर करने वाली महिलाओं को भी महिला डिब्बा ढूंढने में आसानी होगी। अभी अक्सर भीड़ के कारण महिलाओं को डिब्बे तक पहुंचने में दिक्कत होती है और गलत जगह खड़े होने से चढ़ने-उतरने में परेशानी आती है।

सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में मिलेगा फायदा

यात्री संगठन का दावा है कि 'पिंक प्लेटफॉर्म' से महिलाओं के इंतजार वाले क्षेत्र की बेहतर निगरानी हो सकेगी। इस क्षेत्र में केंद्रीय CCTV कवरेज लगाना, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करना भी आसान हो जाएगा।

इसके अलावा ट्रेन में चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया भी ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगी। गुलाबी निशान देखकर सभी यात्रियों को पता रहेगा कि यह जगह महिलाओं के लिए आरक्षित है, जिससे अनावश्यक भीड़ और धक्का-मुक्की कम होगी।

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प्रस्ताव पर विचार

रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो शुरुआत में कुछ प्रमुख स्टेशनों पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा सकता है। महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया यह कदम उपनगरीय रेलवे में भीड़ और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

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