

Bhandara Irregular Rain Affect Kharif Sowing: भंडारा जिले में इस वर्ष मानसून की अनियमित चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून की शुरुआत में लंबे समय तक बारिश नहीं होने और जुलाई के अंतिम सप्ताह में अचानक हुई भारी वर्षा के कारण खरीफ सीजन की बुआई प्रभावित रही।
कृषि विभाग के अनुसार जिले के 1 लाख 87 हजार 379 हेक्टेयर सामान्य खरीफ रकबे में से अब तक 1 लाख 29 हजार 583 हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुआई और रोपाई पूरी हो सकी है। बारिश थमने के बाद तेज धूप और उमस के कारण फसलों में कीट एवं रोगों का खतरा बढ़नें ने से किसानों को कीटनाशकों का अतिरिक्त छिड़काव करना पड़ रहा है।
जिले में धान प्रमुख खरीफ फसल है, जिसका सामान्य रकबा 1 लाख 74 हजार 985 हेक्टेयर है। अब तक 17,363 हेक्टेयर में नर्सरी, 11,116 हेक्टेयर में प्रत्यक्ष बुआई तथा 1 लाख 17 हजार 434 हेक्टेयर तक धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 9,383 हेक्टेयर में अरहर, 1,019 हेक्टेयर में सब्जियां, 592 हेक्टेयर में मसाला फसलें, 161 हेक्टेयर में मोटे अनाज, 67 हेक्टेयर में मक्का और 49 हेक्टेयर में अन्य फसलों की बुआई की गई है।
2 अगस्त तक जिले में 518 मिमी वर्षा (86.8 प्रतिशत) दर्ज की गई, जबकि इसी अवधि में सामान्य वर्षा 596.9 मिमी होनी चाहिए थी। हालांकि जिले के सिंचाई परियोजनाओं और तालाबों में 60.40 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जिससे आगे की खेती को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों का कहना है कि महंगे बीज, उर्वरक और मजदूरी के बीच अनियमित बारिश ने खेती का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। किसान मंगेश उके के अनुसार मजदूरी महंगी होने से खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि किसान आकाश खोब्रागड़े का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता के कारण उत्पादन घटने की आशंका बनी हुई है।
भंडारा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने ने बताया कि जुलाई के उत्तरार्ध में अच्छी बारिश होने से धान की रोपाई में तेजी आई है और यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा तो शेष क्षेत्र में भी बुआई पूरी होने के साथ फसलों की स्थिति में और सुधार होने की संभावना है।