मुंबई में 15 डिब्बों वाली लोकल चलाने की मांग, लोकसभा में श्रीकांत शिंदे ने उठाए कई मुद्दे

Srikant Shinde: लोकसभा में डॉ. श्रीकांत शिंदे ने मुंबई लोकल ट्रेनों को 15 डिब्बों का करने, नई सेवाएं शुरू करने और रेलवे सुविधाओं में सुधार की मांग उठाते हुए यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
मुंबई लोकल 15 डिब्बे, Mumbai local 15 coaches
Srikant Shinde Lok Sabha (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai Local 15 Coaches: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में डिब्बों की संख्या बढ़ाने और यात्रियों के लिए सुविधाएं सुधारने की मांग शिवसेना संसदीय दल के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में उठाई। मंगलवार को रेलवे बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में देश में रेलवे विकास को नई गति मिली है। डॉ. शिंदे ने मुंबई और अपने कल्याण लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

दिवा-सीएसएमटी लोकल सेवा की मांग

उन्होंने कहा कि यदि सभी लोकल ट्रेनों को 15 डिब्बों का किया जाए तो भीड़ और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने और दिवा–सीएसएमटी के बीच नई लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग भी की। इसके अलावा कोपर से वसई तक ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, ऐरोली-कलवा एलिवेटेड कॉरिडोर के काम में तेजी लाने और कोंकण रेलवे की डबलिंग व फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का आग्रह किया।

वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों को रियायत देने की मांग

डॉ. शिंदे ने रेल किराए में वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों को दी जाने वाली बंद रियायत को फिर से शुरू करने की मांग की। साथ ही हर स्टेशन पर मराठी साहित्य के स्टॉल लगाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि कल्याण लोकसभा क्षेत्र के लगभग 80 प्रतिशत लोग रेलवे पर निर्भर हैं। ठाणे-कल्याण पांचवीं और छठी लाइन तथा कल्याण-अंबरनाथ तीसरी और चौथी लाइन के कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास नीतियों में सुधार से इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सकता है।

2014 के बाद रेलवे में हुआ बड़ा बदलाव

डॉ. शिंदे ने कहा कि 2014 के बाद रेलवे में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें शुरू हुई हैं और देशभर में रेलवे परियोजनाओं को गति मिली है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में वर्तमान में लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपये के रेलवे विकास कार्य चल रहे हैं, जबकि 2009-2014 के बीच यह राशि लगभग 1,000 करोड़ रुपये थी।

कल्याण यार्ड रीमॉडलिंग के लिए 800 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन के लिए उन्होंने रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रेलवे केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी, सपनों और आजीविका का आधार है।

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