Kamgar Hospital Delay: मांडविया ने मांगी रिपोर्ट, हाईकोर्ट की समयसीमा के बावजूद काम अधूरा

मुंबई के मरोल स्थित Kamgar Hospital के पुनर्निर्माण में देरी और कथित घोटाले पर केंद्रीय मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट की तय समयसीमा के बावजूद अस्पताल अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।
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मुंबई कामगार भवन (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Kamgar Hospital Redevelopment Delay: मुंबई के अंधेरी (पूर्व) स्थित मरोल इलाके में बने कामगार अस्पताल के पुनर्निर्माण का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस परियोजना में देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या घोटाला पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Kamgar Hospital का इतिहास और वर्तमान स्थिति

करीब 10.74 एकड़ में फैला यह कामगार अस्पताल वर्ष 1985 में स्थापित किया गया था और 2008 में इसे केंद्र सरकार को सौंप दिया गया था। वर्तमान में अस्पताल में 15 विभाग और दो सुपर-स्पेशियलिटी यूनिट हैं, लेकिन अधूरे निर्माण कार्य के कारण कई विभाग अभी भी बंद पड़े हैं।

आग के बाद बंद हुआ अस्पताल

वर्ष 2018 में अस्पताल में भीषण आग लगने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद पुनर्निर्माण की योजना बनाई गई, लेकिन तय समयसीमा के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाया। इससे क्षेत्र के कामगारों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

हाईकोर्ट की समयसीमा भी हुई पार

Bombay High Court ने इस अस्पताल का निर्माण कार्य 15 अगस्त 2025 तक पूरा करने और 31 जनवरी 2026 तक इसे पूरी तरह चालू करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, परियोजना अभी तक अधूरी है।

शिकायत के बाद बढ़ी कार्रवाई

सांसद रविंद्र वायकर ने इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें घोटाले के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में सच्चाई सामने आएगी।

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