

जेवीपीडी फ्लाईओवर 31 दिसंबर 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य, सफर 45 से 20 मिनट होगा।
फ्लाईओवर से पांच प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद।
दो साल बाद सायन ब्रिज जल्द खुलेगा, चार लेन से यातायात होगा आसान।
Mumbai JVPD Flyover BMC Abhijit Banger: पश्चिमी उपनगरों में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से परेशान वाहन चालकों को राहत दिलाने के लिए बीएमसी ने जेवीपीडी फ्लाईओवर का काम निर्धारित समय से पहले पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है।
अंधेरी पश्चिम स्थित सी.डी. बर्फीवाला फ्लाईओवर के अंतिम छोर से जुहू-वर्सोवा लिंक रोड तक बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर को 31 दिसंबर 2027 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने से व्यस्त समय में मौजूदा 45 मिनट का सफर घटकर करीब 20 मिनट रह जाने की उम्मीद है।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1.75 किलोमीटर और चौड़ाई 15.10 मीटर है।
परियोजना को पूरा करने की आधिकारिक समयसीमा 31 मार्च 2028 निर्धारित है, लेकिन नागरिकों को जल्द राहत देने के लिए बीएमसी ने इसे तीन महीने पहले पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। बांगर ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों, यातायात प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा करते हुए समय सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
फ्लाईओवर शुरू होने के बाद जुहू, विले पार्ले पश्चिम, अंधेरी पश्चिम और वर्सोवा के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
वाहन चालकों को रास्ते में पड़ने वाले पाच प्रमुख यातायात जंक्शनों से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे जाम में फंसने का समय कम होगा। प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा समुद्री पुल और मुंबई कोस्टल रोड के उत्तरी हिस्से की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
मुंबई जेवीपीडी फ्लाईओवर परियोजना के निर्माण में कई तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही है। 600 और 900 मिलीमीटर व्यास वाली पाइपलाइनों को लगभग 400 मीटर तक स्थानांतरित करना होगा।
वहीं, 1200 मिलीमीटर व्यास सीवेज पाइपलाइन को माइक्रो टनलिंग तकनीक से स्थानांतरित किया जाएगा। 300 मिलीमीटर की एक अन्य सीवेज पाइपलाइन को हटाकर नई पाइपलाइन बिछानी होगी। इसके अलावा, मेट्रो लाइन-2बी के निर्माण के साथ तालमेल बनाना भी जरूरी है।
90 फीट जंक्शन पर 72 मीटर लंबा आर्च ब्रिज बनाना, मेट्रो स्टेशन के नीचे गर्डर स्थापित करना और जुहू सर्कल के पास कम खंभों के सहारे लंबे स्पैन तैयार करना परियोजना के अहम इंजीनियरिंग कार्य हैं।
काम में तेजी लाने के लिए परियोजना को तीन चरणों में बांटकर अलग-अलग टीमें तैनात करने और निर्माण कार्य समानांतर रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए है। निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता (पुल) राजेश मुले सहित संबंधित अधिकारी, अभियंता और सलाहकार मौजूद थे।
दो साल से अधिक समय से बंद सायन रेलवे ओवरब्रिज के इस सप्ताहांत यातायात के लिए खुलने की उम्मीद है। बीएमसी और मध्य रेलवे की ओर से करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण किया गया है। फिलहाल सड़क पर सफेद पट्टियां बनाने, बीम लगाने और ट्रैफिक सिग्नल लगाने जैसे अंतिम काम किए जा रहे हैं।
मुंबई बीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, पुल खोलने के लिए 15 अक्टूबर की समयसीमा तय की गई थी। पिछले सप्ताह पुल का लोड टेस्ट भी पूरा हो चुका है। शेष कार्य पूरे होने और यातायात पुलिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। नया पुल 61 मीटर लंबा होगा, जबकि पुराना पुल 40 मीटर का था। पहले यहां दो वाहन लेन थीं, जिन्हें बढ़ाकर चार किया गया है।