मुंबई: जेवीपीडी सर्कल पर 460 करोड़ का फ्लाईओवर जल्द, वर्सोवा से जुहू का सफर 45 मिनट से घटकर होगा 20 मिनट

Mumbai BMC News: बीएमसी मुंबई के जेवीपीडी सर्कल पर 460 करोड़ की लागत से 1.75 किमी लंबा फ्लाईओवर बनाने जा रही है, जिससे जुहू से वर्सोवा का सफर मात्र 20 मिनट का रह जाएगा।
BMC to build a 1.75 km flyover at JVPD Circle worth ₹460 cr, cutting travel time between Juhu and Versova to 20 mins and linking it to Bandra Sea Link.
जेवीपीडी सर्कल परियोजना (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Mumbai JVPD Circle Project: पश्चिमी उपनगर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और यात्रियों को तेज एवं निर्बाध सफर उपलब्ध कराने की दिशा में बीएमसी एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। जुहू-विले पार्ले डेवलपमेंट स्कीम (जेवीपीडी) सर्कल पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना के अंतिम चरण का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। करीब 460 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना पश्चिमी एक्सप्रेस हाइवे और प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक को जोड़ते हुए पश्चिमी उपनगरों की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। बीएमसी ने वर्ष 2022 में जेवीपीडी सर्कल पर लगातार बढ़ती ट्रैफिक भीड़ को देखते हुए इस फ्लाईओवर की योजना तैयार की थी।

वर्तमान में जुहू से वर्सोवा तक की यात्रा व्यस्त समय में 45 मिनट या उससे अधिक समय लेती है। सीधी और तेज होगी कनेक्टिविटी अधिकारियों का दावा है कि फ्लाईओवर के चालू होने के बाद यह यात्रा समय घटकर लगभग 20 मिनट रह जाएगा, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी।

यह फ्लाईओवर सी.डी. बर्फीवाला रोड से, बर्फीवाला फ्लाईओवर के अंतिम छोर के निकट शुरू होगा और जेवीपीडी सर्कल क्षेत्र के पांच प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों को बायपास करते हुए जुहू-वर्सोवा लिंक रोड तक पहुंचेगा। परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी अतिरिक्त शाखा होगी, जिसे प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से कोस्टल रोड तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जिससे दक्षिण मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के बीच आवागमन और अधिक सुगम बनने की उम्मीद है।

क्षेत्र के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा यह फ्लाईओवर

बीएमसी ने परियोजना को पांच अलग-अलग चरणों में विभाजित किया है। इनमें से चार चरणों पर वर्तमान में कार्य जारी है, जबकि अंतिम चरण का निर्माण कार्य मेट्रो लाइन-2बी के शेष कार्य पूरे होने के बाद शुरू किया जाएगा। परियोजना को मई 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह फ्लाईओवर क्षेत्र के लिए "गेम चेंजर" साबित होगा।

अधिकारी ने बताया कि नए अलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसकी तकनीकी जांच एवं सत्यापन आईआईटी बॉम्बे द्वारा किया गया है। उनका कहना है कि यह परियोजना न केवल पांच प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों पर दबाव कम करेगी, बल्कि वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक और कोस्टल रोड से सीधे संपर्क के कारण मुंबई की समग्र यातायात व्यवस्था को भी नई दिशा देगी ऐसे में आने वाले वर्षों में यह फ्लाईओवर पश्चिमी उपनगरों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन गलियारे के रूप में उभर सकता है।

कुल 1.75 किलोमीटर लंबा होगा फ्लाईओवर

मुंबई फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1.75 किलोमीटर होगी तथा इसमें तीन प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदु विकसित किए जाएंगे। पहला बिंदु सी.डी. बर्फीवाला फ्लाईओवर के निकट होगा, दूसरा 90 फीट डीपी रोड जंक्शन पर तथा तीसरा जुहू-वर्सोवा लिंक रोड पर प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक से पहले बनाया जाएगा। यह संरेखण इस प्रकार तैयार किया गया है कि क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर वाहनों का दबाव कम हो और यातायात का प्रवाह अधिक सुचारु हो सके।

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