

पांच वर्षों में करीब ₹1.5 लाख करोड़ के विकास कार्य पूरे होने का दावा।
पर्यटकों की संख्या सवा करोड़ से बढ़कर ढाई करोड़ तक पहुंचने की बात।
घाटी में 5 हजार से अधिक नए होटल खुलने का दावा।
बडगाम से दिल्ली के आदर्श नगर तक पार्सल ट्रेन सेवा शुरू।
जलविद्युत क्षमता को 10 हजार मेगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य।
Mumbai Jammu Kashmir Development Kashmir Tourism: रेलवे कनेक्टिविटी, पर्यटन और उद्योगों के विस्तार से जम्मू-कश्मीर में विकास की रफ्तार बढ़ने का दावा किया जा रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में अब विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुंबई, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और आतंकवाद की चुनौतियों के बीच भी जम्मू-कश्मीर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुंबई शहर में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान उन्होंने पिछले पांच वर्षों में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति के साथ विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मनोज सिन्हा ने चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को भारतीय इंजीनियरिंग का उल्लेखनीय उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार से घाटी और सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है।
उनके अनुसार, जम्मू-रियासी से पुंछ तक करीब 190 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग के लिए सर्वे किया जा रहा है। इससे भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों तक आवागमन और परिवहन सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बागवानी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सेब, चेरी और नाशपाती जैसे उत्पादों के परिवहन के लिए बडगाम से दिल्ली के आदर्श नगर तक पार्सल ट्रेन सेवा शुरू की गई है। बताया गया कि यह यात्रा करीब 23 से 24 घंटे में पूरी होती है। इससे किसानों और कारोबारियों को अपनी उपज तेजी से मंडियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
उपराज्यपाल ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या सवा करोड़ से बढ़कर ढाई करोड़ तक पहुंच गई है। उनके अनुसार, घाटी में पांच हजार से अधिक नए होटल खुले हैं। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।
मनोज सिन्हा के मुताबिक, वर्ष 2021 की औद्योगिक नीति के तहत शुरू की गई करीब 70 प्रतिशत परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो चुका है। जलविद्युत क्षेत्र में वर्ष 2019 तक लगभग 4,500 मेगावाट की क्षमता को बढ़ाकर 10 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की करीब 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि आय बढ़ाना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। उपराज्यपाल ने पहलगाम की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने आतंकवाद के बजाय शांति और विकास को प्राथमिकता दी है।