

मुंबई के तीन सरकारी कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की कमी।
वीजेटीआई के हॉस्टल जर्जर, बांद्रा पॉलिटेक्निक में चार साल से पानी संकट।
छात्रों की शिकायतों के बाद नए हॉस्टल बनाने को मंजूरी।
Maharashtra Higher Education: मुंबई शहर के तीन प्रमुख सरकारी कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है। वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज और बांद्रा के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक में कहीं जर्जर हॉस्टल, कहीं पानी की कमी तो कहीं शिक्षकों और पढ़ाई से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं। वीजेटीआई में 22 अक्टूबर को प्रथम वर्ष के डिप्लोमा छात्र की डेंगू से मौत के बाद कॉलेज की साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
इससे पहले सितंबर में छात्रों ने तीन हॉस्टल की खराब हालत को लेकर प्रशासन को पत्र लिखा था। इन हॉस्टलों में करीब 1,200 छात्र रहते हैं।
छात्रों का कहना है कि करीब 60 साल पुरानी इमारतों में दरारें हैं और प्लास्टर गिरने का खतरा बना हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने छात्र और छात्राओं के नए हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
वहीं, बांद्रा के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में पिछले चार साल से पानी की कमी, हॉस्टल की परेशानी और पढ़ाई में देरी की शिकायतें है। छात्रों का आरोप है कि कई विषयों का पाठ्यक्रम अधूरा है और प्रैक्टिकल भी बाकी है।
विरोध के बाद कॉलेज में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। खाली शिक्षकों के पद भरने की प्रक्रिया भी शुरू करने की बात कही गई है। उधर, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में छात्रों ने 'सेव जीएलसी' अभियान शुरू किया है। उनकी मांग है कि नियमित शिक्षक नियुक्त किए जाएं, छात्रवृत्ति समय पर मिले और परिसर की मरम्मत ठीक से हो।
मुंबई छात्रों ने परीक्षा परिणामों में गलतियों और अंकपत्र मिलने में देरी की शिकायत भी की है। हायर और टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि स्टूडेंट्स की शिकायतों के बाद, हायर और टेक्निकल एजुकेशन मिनिस्टर चंद्रकांत दादा पाटिल ने एक रिव्यू मीटिंग की और जरूरी निर्देश जारी किए, सरकार ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।